विकास नंद/ सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर शासकीय शराब दुकानें खुली रहीं। राज्य शासन ने इस तिथि को ड्राई डे (Dry Day) की सूची से बाहर कर दिया है। इससे पूर्व कई वर्षों से 30 जनवरी को प्रदेशभर में शराब दुकानों को बंद रखने की परंपरा रही है।
आबकारी विभाग के अनुसार, नई आबकारी नीति के लागू होने के बाद प्रदेश में घोषित ड्राई डे की संख्या में बड़ी कटौती की गई है। पहले जहां सालभर में 8 दिन ड्राई डे घोषित रहते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर 4 रह गई है। जिन चार दिनों को ड्राई डे की सूची से हटाया गया है, उनमें 30 जनवरी (महात्मा गांधी की पुण्यतिथि), मोहर्रम, होली और दिवाली शामिल हैं। इन अवसरों पर अब शराब की दुकानें खुली रहेंगी।गौरतलब है कि इससे पहले छत्तीसगढ़ में 15 अगस्त, 26 जनवरी, 2 अक्टूबर (महात्मा गांधी जयंती), मोहर्रम, 18 दिसंबर (बाबा गुरु घासीदास जयंती), 30 जनवरी, होली और दिवाली को ड्राई डे घोषित किया जाता था।
नई आबकारी नीति के बाद अब केवल चुनिंदा दिवस ही ड्राई डे के रूप में प्रभावी रहेंगे।आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछली कैबिनेट बैठक में ड्राई डे की संख्या कम करने का निर्णय लिया गया था, जिस पर अब अमल कर लिया गया है। वर्तमान व्यवस्था के तहत छत्तीसगढ़ में अब केवल 15 अगस्त, 26 जनवरी, 2 अक्टूबर (महात्मा गांधी जयंती) और 18 दिसंबर (बाबा गुरु घासीदास जयंती) को ड्राई डे घोषित रहेगा।
नई नीति को लेकर प्रदेश में चर्चा तेज है, वहीं शासन का मानना है कि इससे राजस्व में बढ़ोतरी होगी और नीति अधिक व्यावहारिक साबित होगी।