विकास नंद /सर्वव्यापी/
राज्य महिला आयोग की सदस्य एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री सरला कोसरिया ने विकसित भारत–जी राम जी (VB-G-Ram-G) विधेयक 2025 को लेकर कांग्रेस पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक मनरेगा का उन्नत और सशक्त स्वरूप है, जिसे 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, लेकिन कांग्रेस जानबूझकर इसके बारे में भ्रामक प्रचार कर रही है।सरला कोसरिया ने स्पष्ट किया कि जी राम जी के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को अब 100 के बजाय 125 दिनों का गारंटीकृत रोजगार मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। यह योजना केवल मजदूरी तक सीमित नहीं है, बल्कि टिकाऊ अवसंरचना निर्माण और ग्रामीण आजीविका को स्थायी बनाने पर केंद्रित है।उन्होंने बताया कि इस अधिनियम में डिजिटल गवर्नेंस को विशेष महत्व दिया गया है। कार्यों की निगरानी GPS, जियो-टैगिंग और MIS डैशबोर्ड के माध्यम से की जाएगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। साथ ही, हर छह माह में सामाजिक अंकेक्षण अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता की गुंजाइश न रहे।वित्तीय प्रावधानों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि सामान्य राज्यों में केंद्र और राज्य के बीच 60:40 तथा पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्यों के लिए 90:10 का वित्तीय अनुपात तय किया गया है। ग्राम पंचायतों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं बनाने का अधिकार दिया गया है, जिन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक से जोड़ा जाएगा।सरला कोसरिया ने कहा कि बायोमेट्रिक और AI तकनीक के उपयोग से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है, जबकि यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।उन्होंने आमजन से अपील की कि वे भ्रमित होने के बजाय योजना के वास्तविक प्रावधानों को समझें और विकसित भारत के संकल्प में सहभागी बनें।