विकास नंद /सर्वव्यापी/
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित से जुड़े 9 अहम फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में मादक पदार्थों की रोकथाम, पुलिस व्यवस्था सुदृढ़ीकरण, विमानन प्रशिक्षण, स्टार्टअप प्रोत्साहन, नगरीय सुविधाओं के विस्तार और क्षेत्रीय विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं—
■ 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठनमादक पदार्थों की रोकथाम के लिए राज्य के 10 जिलों— रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव और कोरबा में जिला स्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन को मंजूरी दी गई। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 100 नए पद स्वीकृत किए गए हैं।
■ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को मिले 44 नए पदपुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा के अंतर्गत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के गठन हेतु 44 नवीन पदों की स्वीकृति दी गई। यह समूह आतंकी हमलों, गंभीर आपात स्थितियों और अचानक होने वाली बड़ी घटनाओं में त्वरित कार्रवाई करेगा।
■ राज्य में फ्लाइट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन की स्थापनाराज्य के विभिन्न एयरपोर्ट और हवाई पट्टियों पर उड़ान प्रशिक्षण संगठन (FTO) स्थापित करने का निर्णय लिया गया। यह संस्थान निजी सहभागिता से संचालित होगा, जिससे पायलट प्रशिक्षण के साथ-साथ एयरो स्पोर्ट्स, एयरक्राफ्ट रिसाइक्लिंग और हेलीकॉप्टर बंकिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
■ छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 को मंजूरी स्टार्टअप नीति के माध्यम से राज्य में नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र, इन्क्यूबेटर्स और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्टेट स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार के साथ छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख नवाचार केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
■ 35 पूर्ण आवासीय कॉलोनियों का नगरीय निकायों को हस्तांतरणछत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित 35 पूर्ण कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया। इससे कॉलोनीवासियों को पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी और दोहरे रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी।
■ नवा रायपुर में बहुमंजिला शासकीय भवन का निर्माणनवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों और निगम-मंडलों के लिए एक वृहद बहुमंजिला भवन के निर्माण का निर्णय लिया गया, जिससे भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।
■ सिरपुर और अरपा क्षेत्र के विकास को मिलेगी गतिसिरपुर एवं अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण अंतर्गत शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार संबंधित जिले के कलेक्टरों को प्रदान किया गया है। भूमि आबंटन 1 रुपये प्रीमियम एवं भू-भाटक पर किया जाएगा, जिससे योजनाबद्ध विकास कार्यों को गति मिलेगी।
गौरतलब है कि सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य संबंधित नदी तटीय क्षेत्रों का योजनाबद्ध और समग्र विकास करना है। इसके लिए मास्टर प्लान के क्रियान्वयन, भूमि नियोजन एवं नगर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना आवश्यक है। विकास कार्यों को गति देने के लिए शासकीय भूमि का आबंटन जरूरी था। वर्तमान में दोनों प्राधिकरणों की वित्तीय स्थिति को देखते हुए शासकीय भूमि का आबंटन रु. 1/- प्रीमियम एवं भू-भाटक पर किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, भूमि आबंटन के अधिकार संबंधित जिला कलेक्टरों को दिया गया है।
8. मंत्रिपरिषद ने ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति‘‘ को प्रदेश में लागू किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया। छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति के अनुसार राज्य शासन के सभी विभाग, उपक्रम एवं स्वायत्त संस्थाएं केवल भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं या भारत में स्थित सुरक्षित डेटा सेंटर एवं डिजास्टर रिकवरी सेंटर से ही क्लाउड सेवाएं लेंगी। किसी विशेष या असाधारण आवश्यकता के लिए राज्य क्लाउड परिषद से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। नीति के तहत कम प्राथमिकता वाले एप्लिकेशन एवं आर्काइव डेटा का क्लाउड माइग्रेशन वर्ष 2027-28 तक तथा उच्च प्राथमिकता सेवाओं का माइग्रेशन 2029-30 तक किया जाएगा। सभी नए एप्लिकेशन क्लाउड-नेटिव तकनीक पर विकसित किए जाएंगे। कैबिनेट ने इस नीति में भविष्य में आवश्यक संशोधन करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अधिकृत किया है। इस नीति से आईटी ढांचे में लागत में कमी, संचालन में दक्षता, बेहतर साइबर सुरक्षा, आपदा के समय सेवाओं की निरंतरता तथा नागरिक सेवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, पारदर्शिता और ट्रैकिंग व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
9. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल अवसंरचना को विस्तार देने के लिए मोबाइल टावर योजना का अनुमोदन किया गया है। भौगोलिक विषमता और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सीमित होने से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित हो रहा है। इस योजना से मोबाइल टावर स्थापना हेतु चयनित सेवा प्रदाताओं को अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध किया जाएगा। मोबाइल टावर योजना के अंतर्गत चयनित मोबाइल नेटवर्क विहीन बसाहटों में टावर की स्थापना की जाएगी। डिजिटल कनेक्टिविटी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, ई गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। योजना से सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा विशेष कर वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध होने से प्रशासनिक कार्य में पारदर्शिता और दक्षता आएगी। मोबाइल टावर योजना के लागू होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, आपातकालीन सेवाएं डायल 112 जैसी योजनाओं की पहुंच दूरस्थ इलाकों के नागरिकों तक सुगमता से होगी।