श्रीनिवास सुमेर/ब्यूरोचीफ, सर्वव्यापी

जिले के थाना एवं तहसील मरवाही अंतर्गत ग्राम पंचायत ग्राम-उषाड़ में शासकीय भूमि पर लगे पुराने सागौन (साल) के पेड़ों की अवैध कटाई का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में ग्रामवासियों द्वारा मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजकर वन विभाग की लापरवाही और संभावित मिलीभगत के आरोप लगाए गए हैं।शिकायत के अनुसार ग्राम-उषाड़ के खसरा नंबर 2033 की शासकीय भूमि पर स्थित 20 से अधिक वर्षों पुराने सागौन वृक्षों को अवैध रूप से काटा गया। पत्र में उल्लेख है कि बीते वर्ष एक ही माह के भीतर 09 सागौन पेड़ों की कटाई की गई थी, जिसके बाद लगातार अन्य पेड़ों को भी काट दिया गया। वर्तमान में कुल मिलाकर 20 से अधिक विशाल सागौन वृक्ष नष्ट किए जा चुके हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध कटाई की सूचना स्थानीय वन विभाग को समय रहते दी गई, इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध होने के बाद भी बीट गार्ड एवं डिप्टी रेंजर स्तर पर कार्रवाई शून्य रही, जिससे विभागीय उदासीनता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह मामला दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बावजूद स्थानीय वन अधिकारियों द्वारा आज तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, जिससे वन संपदा की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई है।ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की तत्काल प्रभाव से निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराई जाए तथा अवैध कटाई में संलिप्त दोषियों एवं लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।पर्यावरण संरक्षण के सरकारी दावों के बीच गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सागौन जैसे बहुमूल्य वृक्षों की अवैध कटाई और जिम्मेदार विभागों की निष्क्रियता प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रही है। इस संबंध में सर्वव्यापी ने वन मंडलाधिकारी ग्रीष्मी चांद से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया मगर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया और न ही वाट्सएप मैसेज का जवाब दिया।