विकास नंद/ सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़–ओड़िशा सीमा से लगे सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ वनांचल ग्राम पंचायत जंगलबेड़ा में प्रस्तावित सौर ऊर्जा परियोजना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड द्वारा शासकीय भूमि पर सोलर पावर प्लांट स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है, जिस पर कुछ ग्रामीणों द्वारा आपत्ति जताते हुए धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है।ग्रामीणों के इस आंदोलन को स्थानीय नेताओं सहित क्षेत्रीय विधायक चातुरी नंद का भी समर्थन मिल रहा है, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। हाल ही में ग्रामीणों के समर्थन में पहुंचे समाजसेवी राधेश्याम शर्मा द्वारा अपने उद्बोधन में कथित रूप से डबल इंजन सरकार के खिलाफ अमर्यादित भाषा, गाली-गलौज एवं मारने जैसी बातों की पुनरावृत्ति किए जाने का आरोप सामने आया है।चिंताजनक पहलू यह है कि इस प्रकार के हेट स्पीच और उकसावे वाले बयानों के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई होते नहीं दिख रही है। जबकि विगत वर्षों में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में इसी तरह की बयानबाज़ी और प्रशासन के प्रति आवेश के कारण अप्रिय घटनाएं घटित हो चुकी हैं।स्थानीय बुद्धिजीवियों का मानना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्ती और संवेदनशीलता दोनों के साथ हस्तक्षेप नहीं किया, तो ग्राम जंगलबेड़ा में स्थिति किसी भी समय बिगड़ सकती है। आवश्यकता इस बात की है कि प्रशासन ग्रामीणों और सौर ऊर्जा कंपनी के बीच शांतिपूर्ण संवाद स्थापित कर, सभी पक्षों की बात सुनते हुए इस विवाद का गंभीरता से समाधान करे।प्रशासनिक पहल और स्पष्ट कार्रवाई से ही क्षेत्र में शांति बनाए रखी जा सकती है और किसी भी संभावित दुर्घटना या कानून-व्यवस्था की समस्या से बचा जा सकता है।