विकास नंद/ सर्वव्यापी/
बस्तर पंडूम में पहुंचे केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर भारत की संस्कृति का आभूषण है और इसकी परंपराएं विश्व में अद्वितीय हैं। जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित बस्तर पंडुम 2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर की जनजातीय संस्कृति को नया जीवन दे रही है।बस्तर पंडुम 2026 में 7 जिलों के 53 हजार से अधिक लोक कलाकारों ने 12 विधाओं में भाग लिया। विजेता कलाकारों को अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित किया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त कलाकारों को राष्ट्रपति भवन, दिल्ली में प्रस्तुति का अवसर मिलेगा।अमित शाह ने कहा कि धरती आबा योजना और पीएम जनमन योजना के माध्यम से आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास तेज़ हुआ है। उन्होंने कहा कि अब 40 गांवों में गोलियों की जगह स्कूल की घंटियां सुनाई दे रही हैं। माओवाद उन्मूलन की समयसीमा 31 मार्च 2026 तय है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर पंडुम केवल आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान का उत्सव है। उन्होंने बताया कि बस्तर अब नई संभावनाओं की भूमि बन रहा है और पर्यटन, संस्कृति व विकास के लिए नई पहचान गढ़ रहा है।कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में कलाकार उपस्थित रहे।