विकास नंद/ सर्वव्यापी/
सरायपाली अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुपमा आनंद की अध्यक्षता में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत ब्लॉक टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया और फाइलेरिया रोधी दवा का स्वयं सेवन कर आमजन को जागरूक करने का संदेश दिया।इस अवसर पर खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुणाल नायक ने फाइलेरिया बीमारी की जानकारी देते हुए बताया कि यह रोग क्युलेक्स मच्छर के काटने से एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। फाइलेरिया से हाथीपांव एवं हाइड्रोसिल जैसी गंभीर बीमारियां होती हैं। एक बार रोग हो जाने पर इसका इलाज केवल सर्जरी से संभव है, जो एक जटिल प्रक्रिया है। इसलिए फाइलेरिया को जड़ से समाप्त करने के लिए सामूहिक दवा सेवन अत्यंत आवश्यक है।डॉ. नायक ने बताया कि सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम 10 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान उम्र एवं ऊँचाई के आधार पर आंगनबाड़ी केंद्रों, सभी शासकीय एवं निजी विद्यालयों तथा स्वास्थ्य टीम द्वारा घर-घर जाकर IDA (Ivermectin + DEC + Albendazole) दवाइयों का सेवन अपने समक्ष कराया जाएगा।उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दवा गर्भवती महिलाओं, 0 से 2 वर्ष तक के बच्चों एवं गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों को नहीं दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि फाइलेरिया रोधी दवा का निसंकोच सेवन करें, क्योंकि यह दवा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की गाइडलाइन के अनुसार सुरक्षित रूप से दी जा रही है।दवा सेवन के पश्चात यदि किसी भी प्रकार की विपरीत परिस्थिति उत्पन्न होती है, तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें अथवा टोल फ्री नंबर 104, 108 एवं 112 पर सूचना दें।
बैठक में खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुणाल नायक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश मेश्राम, नगर पालिका अधिकारी दिनेश यादव, तहसीलदार श्रीधर पंडा, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक शीतल सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।