तरुण कौशिक/ संपादक ,सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ में रिटायर्ड शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ नहीं मिलने से गहरा असंतोष सामने आया है। शिक्षकों का कहना है कि सेवा काल में वर्षों तक शिक्षा जगत को समर्पित रहने के बावजूद सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत मात्र 900 से 1100 रुपये मासिक पेंशन मिल रही है, जो अत्यंत चिंताजनक है।रिटायर्ड शिक्षकों ने बताया कि सेवा के अंतिम समय में उनका वेतन 50 से 55 हजार रुपये प्रतिमाह तक रहा, लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद इतनी कम पेंशन में घर-परिवार चलाना लगभग असंभव हो गया है। बढ़ती महंगाई, दवाइयों, इलाज और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच 1100 रुपये में जीवन यापन कैसे किया जाए—यह सबसे बड़ा सवाल है।शिक्षकों का यह भी कहना है कि इस उम्र में दोबारा नौकरी करना न तो संभव है और न ही सम्मानजनक। ऐसे में OPS बहाली ही उनका एकमात्र सहारा है। कर्मचारी संगठनों और रिटायर्ड शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे जिलों से लेकर राज्य स्तर तक आंदोलन करेंगे और अपनी आवाज सीधे मुख्यमंत्री तक पहुँचाएंगे।रिटायर्ड शिक्षकों ने राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए OPS लागू करनी चाहिए, ताकि सेवा के बाद शिक्षकों को सम्मानजनक जीवन मिल सके।