विकास नंद/ सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 का आयोजन 22 फरवरी 2026, रविवार को जिले के निर्धारित 10 परीक्षा केंद्रों में दो पालियों में किया जाएगा। प्रथम पाली प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपरान्ह 3 बजे से 5 बजे तक आयोजित होगी। इस परीक्षा में जिले के कुल 2585 परीक्षार्थी शामिल होंगे।कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा ने नोडल अधिकारी एवं सभी परीक्षा केंद्रों के प्राचार्यों की बैठक लेकर परीक्षा के शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं निष्पक्ष संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में समयपालन, सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की जांच प्रक्रिया तथा सुविधा संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।आयोग के निर्देशों के अनुसार अभ्यर्थियों को अपने प्रवेश पत्र की सावधानीपूर्वक जांच करनी होगी। किसी भी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर तत्काल परीक्षा नियंत्रक कार्यालय, नवा रायपुर अटल नगर में आवश्यक विवरण सहित सूचना देना अनिवार्य होगा। जिन अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र में फोटो अथवा हस्ताक्षर अस्पष्ट या त्रुटिपूर्ण हैं, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित फोटो लगाकर परीक्षा केंद्र में प्रस्तुत करना होगा।अभ्यर्थियों को केवल निर्धारित सामग्री—बिना लेबल की पारदर्शी पानी की बोतल, प्रवेश पत्र की प्रति, वैध फोटो पहचान पत्र, आवश्यकता होने पर दो पासपोर्ट साइज फोटो तथा नीले या काले रंग का बॉल पेन—साथ लाने की अनुमति होगी। घड़ी, स्मार्ट वॉच, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोटे सोल के जूते, ऊँची हील अथवा अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं लाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। परीक्षा केंद्रों में मेटल डिटेक्टर एवं मैन्युअल फ्रिस्किंग के माध्यम से जांच की जाएगी तथा दोनों पालियों में सभी अभ्यर्थियों का सत्यापन अनिवार्य होगा।परीक्षा प्रारंभ होने के 15 मिनट पूर्व मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा, इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा। अभ्यर्थियों को समय से पूर्व केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है ताकि जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो। ड्रेस कोड के अंतर्गत हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनना अनिवार्य होगा, जबकि गहरे रंग, डिजाइनर वस्त्र एवं अनावश्यक आभूषण वर्जित रहेंगे। महिला अभ्यर्थियों के लिए भी यही दिशा-निर्देश लागू होंगे। दिव्यांग अभ्यर्थियों को चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार विशेष अनुमति के अंतर्गत उपकरण उपयोग की छूट दी जाएगी।
अनुशासनहीनता, नकल, अनुचित साधनों का प्रयोग, अभद्र व्यवहार अथवा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की स्थिति में संबंधित अभ्यर्थी को तत्काल परीक्षा से निष्कासित कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।