तरुण कौशिक/ संपादक, सर्वव्यापी
प्रसिद्ध लोक गायक, रहस–गम्मत कार, कांग्रेस नेता तथा तखतपुर विधानसा क्षेत्र के ग्राम नगोंई के पूर्व सरपंच स्वर्गीय राधेश्याम कौशिक के दशगात्र कार्यक्रम में श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए ग्राम नगोंई में जनसैलाब उमड़ पड़ा। गरीब किसान, मजदूरों और छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों के सुख–दुख के साथी रहे स्व. कौशिक की लोकप्रियता और उनका सद्व्यवहार इस अवसर पर स्वतः ही प्रकट हुआ।दशगात्र एवं शोक सभा में वर्तमान विधायक, पूर्व विधायक, जिला पंचायत सदस्य, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, सर्वधर्म–सर्वजाति समुदाय के लोग, नगर पालिका अध्यक्ष एवं पूर्व अध्यक्ष, पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष, कार्यकर्ता, राजनेता, सरपंच, जनपद सदस्य तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। हजारों की संख्या में महिला–पुरुषों और रिश्तेदारों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।स्व. राधेश्याम कौशिक मात्र 64 वर्ष की अल्पायु में प्रकृति की अनंत यात्रा पर चले गए। वे अपने मधुर, प्रभावकारी और ओजस्वी स्वर में गाए भजन–कीर्तन, रहस–गम्मत, होरी–फाग, जसगीत के माध्यम से जनमानस के हृदय में बसते थे। गरीब किसानों और मजदूरों की सेवा तथा लोकसंस्कृति के संरक्षण के लिए दिए गए उनके प्रेरणादायी योगदान को उपस्थित जनसमूह ने भावुक स्मरण के साथ नमन किया।इस अवसर पर शोकाकुल परिवार—प्रकृति नानी लक्ष्मीन बाई मामी, पुत्र शिवेंद्र प्रताप कौशिक (जिला पंचायत सदस्य), सत्येंद्र प्रताप कौशिक (किसान नेता), पुत्रियां जयंती विनोद कौशिक, ज्योति कौशिक, बहनें रामकुमारी, शिवकुमारी, राधा, त्रिवेणी, गंगोत्री, भाई रामकुमार, शिवकुमार, रामदत्त, भतीजे भरतलाल, चंद्रकांत, चंद्रप्रकाश, चंद्रेश, सूर्येश, विकास, वैभव, अंकुर, आनंद सहित बहुएं, नाती–पोते एवं समस्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। उपस्थित लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति और परिवार को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।स्व. राधेश्याम कौशिक का जीवन और उनका लोकसांस्कृतिक योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना।