विकास नंद/ सर्वव्यापी/

सरायपाली अंचल की स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सरायपाली में सिजेरियन (ऑपरेशन द्वारा) प्रसव सुविधा की सफल शुरुआत कर दी गई है। यह सुविधा क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं—विशेषकर ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग—के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। अब जटिल एवं आपातकालीन प्रसव की स्थिति में महिलाओं को महासमुंद, रायपुर अथवा अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर नहीं किया जाएगा।यह महत्वपूर्ण उपलब्धि जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से संभव हो सकी है। पहल कलेक्टर विनय कुमार लंगेह एवं जिला पंचायत सीईओ हेमंत नन्दनवार के दूरदर्शी निर्देशन एवं सतत निगरानी में प्रारंभ हुई। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के कुशल मार्गदर्शन में आवश्यक तैयारियां पूर्ण की गईं।डॉ. कुणाल नायक के नेतृत्व में मिली सफलताखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुणाल नायक के नेतृत्व, नियमित मॉनिटरिंग और प्रभावी टीमवर्क के चलते ऑपरेशन थियेटर, आवश्यक उपकरण, प्रशिक्षित चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इसके परिणामस्वरूप सिजेरियन प्रसव सेवा का सफल शुभारंभ हो सका।
इस उपलब्धि में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. भागेश्वर (शुभा नर्सिंग होम), नर्सिंग टीम—प्रगति सिस्टर, समीर पटेल, स्मृति एवं अंकिता—का विशेष योगदान रहा। टीम के सामूहिक प्रयास से पहला सिजेरियन प्रसव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
पहला सफल सिजेरियन प्रसव:सिजेरियन सुविधा के तहत ग्राम खैरमाल निवासी प्रमिला मांझी (27 वर्ष), पति खिरसागर मांझी का प्रसव सुरक्षित रूप से कराया गया। मां एवं नवजात दोनों स्वस्थ हैं और चिकित्सकों की सतत निगरानी में हैं।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा—“सरायपाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सिजेरियन प्रसव सुविधा की शुरुआत क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे ग्रामीण महिलाओं को समय पर सुरक्षित उपचार मिलेगा और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार होगा। हमारा निरंतर प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक सुलभ हों।”मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने कहा—“इस सुविधा से जटिल प्रसव मामलों में त्वरित उपचार संभव होगा, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी। हमारा लक्ष्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण मातृत्व सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है।
”सुरक्षित मातृत्व की दिशा में बड़ा कदम
सिजेरियन सुविधा शुरू होने से—आपातकालीन प्रसव में तुरंत इलाज संभव होगामातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी गरीब एवं ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक व मानसिक राहत मिलेगी फिलहाल केवल पूर्व-नियोजित सिजेरियन प्रसव कराए जाएंगे। शीघ्र ही सभी प्रकार के प्रसवों के लिए सेवा का विस्तार किया जाएगा, ताकि यह सुविधा सुरक्षित और प्रभावी ढंग से संचालित हो सके।
स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सरायपाली सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों के लिए वरदान बताया है।