विकास नंद/सर्वव्यापी/
जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की बैठक शुक्रवार को जिला पंचायत महासमुंद के सभा कक्ष में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रूपकुमारी चौधरी ने की। इस दौरान जिले में संचालित केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति, क्रियान्वयन की स्थिति तथा विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव, सरायपाली विधायक चातुरीनंद, जनपद पंचायत एवं नगरीय निकायों के अध्यक्ष-प्रतिनिधि, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर रवि साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सांसद रूपकुमारी चौधरी ने विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रगति प्रतिवेदनों की समीक्षा करते हुए कहा कि विकास कार्यों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाना चाहिए। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन की भी समीक्षा की।उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचे, यह हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। विकास कार्यों की पहुंच शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरस्थ ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों तक भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केन्द्र (आरसेटी) के माध्यम से अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। साथ ही जनप्रतिनिधियों से योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने और पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।बैठक में ग्रामीण विकास, पंचायती राज, जल जीवन मिशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। सांसद ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के तहत गांवों में कचरा प्रबंधन की ठोस पहल करने की आवश्यकता बताई और खनिजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को पिथौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द ऑपरेशन शुरू करने तथा नागरिकों के बीपी और शुगर जांच के लिए अधिक शिविर लगाने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने बताया कि जिले में कुष्ठ उन्मूलन के लिए सर्वेक्षण कार्य जारी है और इसमें जनसहभागिता आवश्यक है। जल संवर्धन के लिए मनरेगा के अंतर्गत आजीविका डबरी, तालाब और कुएं के निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि शासकीय योजनाओं का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करना है, इसलिए हितग्राहियों के चयन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन लिया जाना चाहिए।
खल्लारी विधायक द्वारकाधीश यादव ने विकास कार्यों में पारदर्शिता और गति बनाए रखने तथा आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने पर जोर दिया।
सरायपाली विधायक चातुरीनंद ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए अधिकारी विशेष ध्यान दें। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसी भी हितग्राही को अतिरिक्त राशि देने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की मांग करता है तो उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 47,260 आवासों में से 34,078 पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 13,182 आवास निर्माणाधीन हैं। वहीं वर्ष 2025-26 में 14,176 के लक्ष्य के विरुद्ध 12,017 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। बैठक में अन्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।