विकास नंद/सर्वव्यापी/

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात नियमों के प्रभावी पालन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में बताया गया कि जिले में जल्द ही ई-चालान की कार्रवाई शुरू की जाएगी, जिसके तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी।
बैठक में सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि स्कूल बसों में ओवरलोडिंग की शिकायत किसी भी स्थिति में नहीं आनी चाहिए। उन्होंने स्कूल वाहनों की नियमित अंतराल में फिटनेस जांच कराने तथा बसों में जीपीएस सिस्टम लगाने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कलेक्टर विनय लंगेह ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा भी है। इस समस्या से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष टीम लगाकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी आवश्यक है।
पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने जानकारी दी कि आगामी 10 मार्च से जिले में ई-चालान की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। ट्रिपल सवारी, बिना हेलमेट वाहन चलाना, ओवरलोडिंग और ओवरस्पीड जैसे नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है। नियमों के उल्लंघन पर सीधे ई-चालान जारी किया जाएगा।उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। साथ ही अपने परिवार और परिचितों को भी यातायात नियमों के पालन के लिए जागरूक करें।
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि परिवहन विभाग द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस जारी करते समय आवश्यक दस्तावेजों के साथ-साथ वाहन चलाने के वास्तविक अनुभव को भी प्राथमिकता दी जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि जिन लोगों को लाइसेंस दिया जा रहा है, उन्हें वाहन चलाना अच्छी तरह आता हो।