शासकीय विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार…आहता, शौचालय और मरम्मत कार्यों के लिए 1.99 करोड़ की स्वीकृति।

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विकास नंद/ सर्वव्यापी/

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर जिले के शासकीय विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आहता निर्माण, शौचालय निर्माण, लघु निर्माण एवं मरम्मत कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए कुल 1 करोड़ 99 लाख 7 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह राशि जिला पंचायत महासमुंद के शिक्षा मद से व्यय की जाएगी।

जनप्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर विभिन्न विद्यालयों में आहता, शौचालय और अन्य लघु निर्माण कार्यों की मांग की गई थी। इन मांगों के परीक्षण के लिए विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को वास्तविक आवश्यकता और औचित्य के आधार पर विद्यालयों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए थे।

प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर चिन्हित शासकीय स्कूल भवनों में निर्माण, मरम्मत और शौचालय निर्माण कार्य आवश्यक पाए गए, जिसके बाद स्वीकृति जारी की गई।

जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा ने बताया कि महासमुंद विकासखण्ड में 3 प्राथमिक शालाओं और एक पूर्व माध्यमिक शाला में 40 लाख 35 हजार रुपए की लागत से 5 अतिरिक्त कक्ष बनाए जाएंगे।

बागबाहरा विकासखण्ड में 2 पूर्व माध्यमिक और एक प्राथमिक शाला के लिए 45 लाख 92 हजार रुपए की लागत से नवीन भवन निर्माण होगा।पिथौरा विकासखण्ड में 2 प्राथमिक शाला भवनों में 9 लाख 88 हजार रुपए की लागत से अतिरिक्त कक्ष और शौचालय निर्माण किया जाएगा।

वहीं बसना विकासखण्ड में 3 प्राथमिक शालाओं में 7 अतिरिक्त कक्ष, एक प्राथमिक शाला और 2 हायर सेकेंडरी स्कूलों में 3 शौचालय निर्माण तथा एक प्राथमिक शाला भवन का मरम्मत कार्य कराया जाएगा, जिसकी कुल लागत 69 लाख 92 हजार रुपए है।

इसी तरह सरायपाली विकासखण्ड में 2 प्राथमिक और एक पूर्व माध्यमिक शाला के लिए 33 लाख रुपए की लागत से 3 नए भवनों का निर्माण किया जाएगा।निर्माण कार्यों के क्रियान्वयन के लिए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा महासमुंद को निर्माण एजेंसी निर्धारित किया गया है।

सभी स्वीकृत कार्यों को 30 जून 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों द्वारा की जाएगी और प्रगति की जानकारी जिला शिक्षा कार्यालय को समय-समय पर उपलब्ध कराई जाएगी।इसके साथ ही प्रत्येक निर्माण स्थल पर ठेकेदार का नाम, स्वीकृत लागत आदि की जानकारी के साथ सूचना पटल लगाना अनिवार्य किया गया है तथा कार्य पूर्ण होने के बाद भवन पर निर्माण सत्र 2025-26 अंकित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।


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