विकास नंद/ सर्वव्यापी/
जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी कड़ी में कलेक्टर विनय कुमार लहंगे की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व, पुलिस, परिवहन, वन तथा खनिज विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले की सभी खदानों का सीमांकन कर वहां नाम पट्टिका अनिवार्य रूप से लगाई जाए, ताकि खनन गतिविधियों की स्पष्ट पहचान हो सके। साथ ही रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच, कोटवार और पटवारी के सहयोग से निगरानी समितियां गठित करने के निर्देश दिए गए। ये समितियां अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर नजर रखेंगी और इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को देंगी।जिला खनिज अधिकारी फागुलाल नागेश ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को 8.70 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व लक्ष्य मिला था, जिसके विरुद्ध 12.21 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया गया है, जो लक्ष्य से कहीं अधिक है।उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक अवैध परिवहन के 95, अवैध उत्खनन के 27 और अवैध भंडारण के 4 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। खनिज विभाग द्वारा अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है।