प्रशासन में संवेदनशीलता, साहस और सेवा का नाम- विनीता शर्मा।

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तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि उन महिलाओं के संघर्ष, सामर्थ्य और नेतृत्व को सम्मान देने का अवसर है, जो अपने कर्म, कर्तव्य और संवेदनशीलता से समाज की दिशा बदल रही हैं। ऐसे ही प्रेरणादायी व्यक्तित्वों में बिलासपुर जिले की पचपेड़ी तहसील में पदस्थ नायाब तहसीलदार विनीता शर्मा का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है।*प्रशासन में महिला नेतृत्व की सशक्त मिसाल*नायाब तहसीलदार विनीता शर्मा एक ऐसी अधिकारी हैं , जिन्होंने प्रशासन को केवल नियमों और फाइलों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे जनसेवा, संवेदना और न्याय से जोड़ा। एक महिला अधिकारी होने के नाते उन्होंने न सिर्फ जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया, बल्कि यह सिद्ध किया कि निर्णय क्षमता, नेतृत्व और प्रशासनिक दृढ़ता किसी एक लिंग की बपौती नहीं होती।*आमजन से सीधा संवाद- भरोसे का प्रशासन*बिल्हा और अब वर्तमान में पचपेड़ी तहसील में पदस्थ रहते हुए विनीता शर्मा ने आम नागरिकों, किसानों, महिलाओं और कमजोर वर्गों से सीधा संवाद स्थापित किया। राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण, भूमि विवादों में निष्पक्ष निर्णय और जनता की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनना उनकी कार्यशैली की पहचान बन चुकी है।ग्रामीणों के बीच यह भरोसा मजबूत हुआ है कि तहसील कार्यालय अब केवल औपचारिकता का स्थान नहीं, बल्कि न्याय और समाधान का केंद्र है।*महिलाओं के अधिकार और सम्मान की सजग प्रहरी*महिला सशक्तिकरण केवल भाषणों तक सीमित न रहे, इस सोच के साथ नायाब तहसीलदार विनीता शर्मा ने अपने कार्यकाल में महिलाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दी।भूमि अधिकार, पारिवारिक विवाद, विधवा व परित्यक्ता महिलाओं के मामलों में उन्होंने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए यह संदेश दिया कि प्रशासन महिलाओं के साथ खड़ा है, उनके विरुद्ध नहीं।*कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन की पहचान*नायाब तहसीलदार विनीता शर्मा की पहचान एक कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासित और ईमानदार अधिकारी के रूप में है। नियमों के पालन में कठोरता और जरूरतमंदों के प्रति करुणा इन दोनों का संतुलन उनके व्यक्तित्व को विशिष्ट बनाता है।यही कारण है कि अधीनस्थ कर्मचारी हों या आम नागरिक सभी उनके कार्यों का सम्मान करते हैं। *नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा*आज जब युवा लड़कियाँ प्रशासनिक सेवाओं में जाने का सपना देखती हैं, तब नायाब तहसीलदार विनीता शर्मा जैसे अधिकारी उनके लिए जीवंत प्रेरणा हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि कठिन परिस्थितियाँ, सामाजिक चुनौतियाँ और जिम्मेदारियों का दबाव भी दृढ़ इच्छाशक्ति के आगे टिक नहीं पाता। *अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सार्थक संदेश*अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नायाब तहसीलदार विनीता शर्मा का प्रशासनिक योगदान यह संदेश देता है कि जब महिला सशक्त होती है, तो केवल वह नहीं पूरा समाज सशक्त होता है। पचपेड़ी तहसील की यह कर्मठ अधिकारी न केवल शासन की प्रतिनिधि हैं, बल्कि जनविश्वास की प्रतीक बन चुकी हैं। उनका कार्य, व्यवहार और सोच इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन में महिला नेतृत्व समाज को अधिक मानवीय, न्यायपूर्ण और संवेदनशील बना सकता है।


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