तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
होली के बाद रंग पंचमी के अवसर पर ग्राम छतौना में परंपरा, संस्कृति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। ग्राम पंचायत की सरपंच राधिका राकेश कौशिक के नेतृत्व में आयोजित भव्य फाग उत्सव में पूरे गांव के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में रंग, उमंग और लोकसंस्कृति की ऐसी छटा बिखरी कि पूरा गांव उत्सवमय हो उठा।इस अवसर पर सकर्रा से आई प्रसिद्ध फाग मंडली ने अपने पारंपरिक फाग गीतों से माहौल को पूरी तरह रंगमय बना दिया। ढोल-नगाड़ों की गूंजती थाप और लोकधुनों पर ग्रामीण झूम उठे। फाग गीतों की स्वर लहरियों के बीच ग्रामीणों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर रंग पंचमी की शुभकामनाएं दीं।गांव के युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सभी इस आयोजन में उत्साह के साथ शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा में सजे ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से फाग गीत गाते हुए अपनी लोक परंपरा को जीवंत रखा। पूरा गांव ढोल-मांदर की ताल पर देर तक थिरकता रहा और उत्सव का आनंद लेता रहा।सरपंच राधिका राकेश कौशिक ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन गांव की परंपराओं और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। फाग उत्सव केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और लोकसंस्कृति को सहेजने का अवसर भी है।ग्रामीणों ने भी इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम गांव की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।फाग उत्सव के दौरान पूरे गांव में हर्ष और उल्लास का वातावरण बना रहा। रंग-गुलाल से सराबोर ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। यह आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि ग्रामीणों को अपनी लोक परंपरा से जोड़ने वाला एक यादगार अवसर भी साबित हुआ।