विकास नंद/ सर्वव्यापी/

न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और पक्षकारों के बीच आपसी सुलह-समझौते को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 14 मार्च को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद के तत्वावधान में जिला न्यायालय महासमुंद तथा तहसील पिथौरा, सरायपाली, बसना और बागबाहरा स्थित न्यायालयों में कुल 25 खंडपीठों का गठन कर विभिन्न प्रकार के मामलों का निराकरण किया गया।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद की प्रभारी सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री चेतना ठाकुर ने बताया कि प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मार्गदर्शन में आयोजित इस लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा किया गया। जिला न्यायालय परिसर में गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर न्यायालय के न्यायाधीश, अधिवक्ता, बैंक प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।लोक अदालत में श्रमिक विवाद, बैंक रिकवरी, विद्युत बकाया, राजस्व प्रकरण, राजीनामा योग्य आपराधिक मामले, परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा-138 से संबंधित प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के मामले तथा सिविल प्रकरणों की सुनवाई की गई।प्री-लिटिगेशन मामलों में बैंक रिकवरी के 4,631 प्रकरणों में 30 लाख 59 हजार 870 रुपये, विद्युत के 14,329 प्रकरणों में 52 लाख 02 हजार 900 रुपये, श्रम के 41 प्रकरणों में 16 लाख 50 हजार 400 रुपये तथा मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के 27 मामलों में 3 करोड़ 33 लाख 75 हजार रुपये के अवार्ड पारित किए गए। इसके अलावा एनआई एक्ट-138 के 30 प्रकरणों में 1 करोड़ 40 लाख 25 हजार 212 रुपये तथा 231 अन्य सिविल प्रकरणों में 1 करोड़ 69 लाख 47 हजार 116 रुपये के अवार्ड पारित किए गए।इसी प्रकार जिले के विभिन्न तहसीलों के राजस्व न्यायालयों के माध्यम से 43,122 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस तरह कुल 65,962 प्रकरणों का सुलह-समझौते के आधार पर निराकरण करते हुए 7 करोड़ 54 लाख 33 हजार 398 रुपये की राशि के अवार्ड पारित किए गए।उल्लेखनीय है कि 14 मार्च को पूरे देश में उच्चतम न्यायालय से लेकर तहसील स्तर तक एक साथ हाइब्रिड नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसके सफल संचालन के लिए पूर्व से व्यापक तैयारी की गई थी और पक्षकारों को प्री-सीटिंग के माध्यम से समझौते के लिए प्रोत्साहित किया गया था।इस अवसर पर न्यायालय परिसर में विशेष स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया, जिसमें न्यायालयीन अधिकारी-कर्मचारियों, अधिवक्ताओं, पक्षकारों तथा विभिन्न विभागों से आए कर्मचारियों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन में अधिवक्ताओं एवं न्यायालय कर्मचारियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।