लाल आतंक के खात्मे का काउंटडाउन शुरू: बस्तर में शांति के नए सवेरे की आहट।

Share Now

विकास नंद /सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ में वर्षों से चले आ रहे नक्सलवाद के अंत का काउंटडाउन अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सरकार द्वारा तय की गई समयसीमा 31 मार्च 2026 तक इस समस्या के समापन के लिए अब महज 9 दिन शेष रह गए हैं।केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के स्पष्ट कमिटमेंट के अनुसार, इस तय डेडलाइन तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सुरक्षा बलों की विभिन्न बटालियनें लगातार अभियान चला रही हैं।आंकड़ों के अनुसार अभी भी सैकड़ों नक्सली सक्रिय हैं, जिन्हें या तो आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया जा रहा है या सुरक्षा बलों द्वारा न्यूट्रलाइज करने की कार्रवाई जारी है।

राज्य में विष्णु देव साय के नेतृत्व और गृहमंत्री विजय शर्मा के दृढ़ संकल्प, अथक प्रयास और रणनीतिक कार्ययोजना के चलते बस्तर संभाग में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है।लंबे समय से नक्सल हिंसा का दंश झेल रहे बस्तर के लोगों में अब उम्मीद की नई किरण जगी है। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई, विकास कार्यों की गति और जनसहभागिता के कारण हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं।

1 अप्रैल 2026 को बस्तर में नए सवेरे की उम्मीद जताई जा रही है, जहां अमन, शांति और विकास की नई गाथा लिखी जाएगी। सरकार का दावा है कि नक्सलवाद के खात्मे के साथ ही क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

बहरहाल नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई अपने अंतिम पड़ाव पर है। आने वाले कुछ दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकते हैं, जहां बस्तर हमेशा के लिए भय से मुक्त होकर विकास की राह पर अग्रसर होगा।


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!