तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

जिले के ऐतिहासिक और आस्था के प्रमुख केंद्र महामाया मंदिर रतनपुर में चैत्र नवरात्र के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ रखने के लिए बिलासपुर कलेक्टर द्वारा जिले भर के तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की लगातार नौ दिनों तक ड्यूटी लगाए जाने का आदेश जारी किया गया है। हालांकि इस आदेश के बाद राजस्व अमले में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।सूत्रों के अनुसार, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों का कहना है कि पहले से ही राजस्व कार्यों का दबाव अत्यधिक है, ऐसे में लगातार नौ दिनों तक एक ही स्थान पर ड्यूटी लगाना व्यवहारिक नहीं है। अधिकारियों का यह भी तर्क है कि नवरात्र के दौरान मंदिर में व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं या रोटेशन सिस्टम अपनाया जाना चाहिए था।राजस्व अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि बिना उनकी सहमति और कार्यभार को ध्यान में रखे इस तरह का आदेश जारी करना उचित नहीं है। कई अधिकारियों ने अनौपचारिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इससे नियमित शासकीय कार्य प्रभावित होंगे और जनता से जुड़े जरूरी काम लंबित हो सकते हैं।वहीं, प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि नवरात्र के दौरान महामाया मंदिर रतनपुर में भारी भीड़ उमड़ती है, जिसे देखते हुए कानून-व्यवस्था और व्यवस्थापन को सुचारू रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि वरिष्ठ राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी से व्यवस्था और बेहतर तरीके से नियंत्रित की जा सकेगी।फिलहाल, इस आदेश को लेकर प्रशासन और राजस्व अमले के बीच असंतोष की स्थिति बनी हुई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस नाराजगी को किस तरह संभालता है या आदेश में कोई संशोधन किया जाता है।