तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

बिलासपुर जिले के मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मल्हार महोत्सव के लिए जारी आधिकारिक आमंत्रण पत्र अब सियासी विवाद का कारण बनता नजर आ रहा है। कार्यक्रम में कई बड़े नेताओं और जनप्रतिनिधियों के नाम शामिल किए गए हैं, लेकिन मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. कृष्ण मूर्ति बांधी का नाम नदारद रहने से स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।बताया जा रहा है कि मस्तूरी क्षेत्र में डॉ. बांधी का राजनीतिक कद और प्रभाव किसी से छिपा नहीं है। ऐसे में उनके नाम का आमंत्रण कार्ड में उल्लेख न होना कार्यकर्ताओं को खटक रहा है। इसे लेकर भाजपा के अंदर ही सवाल उठने लगे हैं कि आखिर किस आधार पर इस तरह की सूची तैयार की गई।स्थानीय भाजपाइयों का कहना है कि यह न सिर्फ एक वरिष्ठ नेता की अनदेखी है, बल्कि पूरे मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के सम्मान को ठेस पहुंचाने जैसा है। कार्यकर्ताओं ने इसे प्रशासन और आयोजकों की बड़ी चूक बताते हुए नाराजगी जाहिर की है।सूत्रों के मुताबिक, इस मुद्दे को लेकर पार्टी के अंदरूनी स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। वहीं कुछ कार्यकर्ताओं ने इसे “जानबूझकर की गई उपेक्षा” करार दिया है और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब की मांग की है।अब देखना होगा कि इस विवाद पर जिला प्रशासन और आयोजन समिति क्या सफाई देती है, और क्या भविष्य में इस तरह की चूक से बचने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं या नहीं। फिलहाल, मल्हार महोत्सव का यह आमंत्रण पत्र सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।