संभागायुक्त कांवरे की अध्यक्षता में बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन पर संभाग स्तरीय मंथन…दर निर्धारण, एनओसी सरलीकरण, पंजीयन और वेस्ट के वजन के आधार पर शुल्क तय करने पर विस्तृत चर्चा।

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तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित एवं वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था की समीक्षा तथा वर्ष 2025-26 के लिए दरों के पुनर्निर्धारण के संबंध में आज रायपुर संभागायुक्त महादेव कावरे की अध्यक्षता में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में रायपुर संभाग के सभी जिला कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पदाधिकारी तथा बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण कार्य से जुड़े सर्विस प्रोवाइडर एसएमएस कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।बैठक में बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन की वर्तमान व्यवस्था, शुल्क दरों, पंजीयन, एनओसी प्रक्रिया तथा अस्पतालों और क्लिनिकों से निकलने वाले वेस्ट के निस्तारण से संबंधित विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2022 से अस्पतालों से प्रति बेड के आधार पर बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण शुल्क लिया जा रहा है, जिसमें प्रति वर्ष 7.5 प्रतिशत की वृद्धि की जा रही है। रायपुर संभाग में लगभग 1600 अस्पताल एवं क्लिनिक संचालित हैं, जिनका बायोमेडिकल वेस्ट सिलतरा स्थित यूनिट में वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया जाता है।बैठक में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राज्य अध्यक्ष डॉ. अनूप वर्मा ने लिखित अभ्यावेदन प्रस्तुत कर शुल्क निर्धारण एवं प्रबंधन व्यवस्था में सुधार के संबंध में सुझाव दिए। आईएमए जिला अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सोलंकी, पूर्व अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने सुझाव रखे। साथ ही जिला रायपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, गरियाबंद एवं धमतरी के कलेक्टरों, प्रदूषण नियंत्रण मंडल सहित प्रशासनिक अधिकारियों और सीएमएचओ द्वारा भी स्थानीय स्तर पर आ रही समस्याओं और उनके समाधान के संबंध में अपने सुझाव दिए गए।सुझावों में प्रमुख रूप से प्रति बेड के स्थान पर बायोमेडिकल वेस्ट के वास्तविक वजन के आधार पर शुल्क निर्धारित करने, एनओसी की प्रक्रिया को सरल बनाने, एसएमएस कंपनी से दूरी के कारण जिन अस्पतालों एवं क्लिनिकों का पंजीयन नहीं हो पाया है उनका शीघ्र पंजीयन सुनिश्चित करने तथा ऐसे क्लिनिक जहां से बायोमेडिकल वेस्ट उत्पन्न नहीं होता, उन्हें बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन व्यवस्था से पृथक करने जैसे विषय शामिल थे। इसके अलावा बायोमेडिकल वेस्ट के नियमित संग्रहण, परिवहन और निस्तारण की व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने पर भी चर्चा की गई।संभागायुक्त महादेव महादेव कावरे ने बैठक में प्राप्त सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार कर नियमानुसार आवश्यक निर्णय लेकर कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि बायोमेडिकल वेस्ट का सुरक्षित निस्तारण जनस्वास्थ्य और पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों, प्रशासन, आईएमए और सर्विस प्रोवाइडर के बीच समन्वय स्थापित कर कार्य किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि जिन स्वास्थ्य संस्थानों का पंजीयन लंबित है, उनका शीघ्र पंजीयन सुनिश्चित कराया जाए ताकि बायोमेडिकल वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित हो सके।


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