तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
बिलासपुर शहर के तिफरा नगर के गोकने नाला की जमीनी हकीकत अब सवालों के घेरे में है। विधानसभा अध्यक्ष रहते हुए वर्तमान बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से इस नाले का निर्माण कराया गया था, ताकि कुंदरा पारा, भगत सिंह आजाद नगर और आर्या कॉलोनी रोड तिफरा के निवासियों को हर साल आने वाली बाढ़ से राहत मिल सके।लेकिन हकीकत तस्वीरों में साफ झलक रही है, नाले का निर्माण कार्य आधा-अधूरा छोड़ दिया गया है। जल संसाधन विभाग की लापरवाही के चलते न तो नाले की पूरी सफाई और चौड़ीकरण हुआ, और न ही उसकी समुचित संरचना तैयार की गई। नतीजतन, जिस उद्देश्य से यह करोड़ों का प्रोजेक्ट बनाया गया था, वही आज अधूरा नजर आ रहा है।स्थिति और भी चिंताजनक तब हो जाती है जब नगर निगम द्वारा नाले के दोनों ओर सीसी रोड निर्माण की योजना भी अधूरी पड़ी है। एक तरफ सड़क बन गई है, जबकि दूसरी ओर अब तक काम शुरू तक नहीं हो पाया है। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं बारिश के दिनों में खतरा और बढ़ जाता है।स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यदि समय रहते इस अधूरे निर्माण को पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले मानसून में हालात फिर से भयावह हो सकते हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अगर जनता को राहत नहीं मिल रही, तो यह सीधे-सीधे प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार विभाग कब जागेगा और तिफरा के लोगों को अधूरे विकास से मुक्ति कब मिलेगी?