हनुमान टेकरी के विकास की मांग तेज, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की गुहार।

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तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

दंतेवाड़ा जिले के बैलाडीला क्षेत्र के किरंदुल नगर स्थित हनुमान टेकरी (नंदी पर्वत) को प्रमुख पर्यटन एवं तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। स्थानीय निवासी प्रवेश कुमार जोशी ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक विस्तृत शिकायत दर्ज कराते हुए क्षेत्र के समग्र विकास के लिए तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायत क्रमांक GOVCH/E/2026/0000929 के तहत 28 मार्च 2026 को दर्ज इस जन-अभियोग में हनुमान टेकरी की वर्तमान दुर्दशा और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को प्रमुखता से उठाया गया है। शिकायत में बताया गया है कि वर्ष 2018 में यहां भगवान हनुमान की 32 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित होने के बावजूद स्थल का समुचित विकास नहीं हो पाया है, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना बड़ी बाधाशिकायत में उल्लेख किया गया है कि हनुमान टेकरी तक पहुंचने के लिए उचित मार्ग नहीं है, जिससे लोगों को कठिनाई होती है। इसके अलावा पर्याप्त स्ट्रीट लाइटिंग का अभाव, अधूरी और खराब गुणवत्ता वाली सीढ़ियां, पेयजल सुविधाओं की कमी, बैठने की व्यवस्था का न होना तथा स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की उचित व्यवस्था का अभाव भी प्रमुख समस्याएं हैं। इन कमियों के चलते यह स्थल अपनी पूर्ण क्षमता के अनुरूप विकसित नहीं हो पा रहा है।विकास के लिए विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुतप्रवेश कुमार जोशी ने अपने आवेदन में स्थल के समुचित विकास के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं। इनमें बेहतर पहुंच मार्ग और सुरक्षित सीढ़ियों का निर्माण, सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट, बैठने के लिए बेंच एवं मंडप, पेयजल के लिए RO प्लांट या बोरवेल, स्वच्छ शौचालय और कचरा प्रबंधन प्रणाली, सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे तथा स्थल की सौंदर्यीकरण के लिए हरियाली और साइनबोर्ड लगाने की मांग शामिल है।पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावाआवेदन में यह भी कहा गया है कि यदि हनुमान टेकरी का योजनाबद्ध तरीके से विकास किया जाता है, तो इससे बैलाडीला क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय रोजगार, व्यापार और आतिथ्य क्षेत्र को नई गति मिलेगी। यह पहल बस्तर संभाग में आध्यात्मिक और पर्यावरण पर्यटन को प्रोत्साहित करने में भी सहायक साबित हो सकती है।सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांगशिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि संबंधित विभागों को स्थल का निरीक्षण करने, विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने तथा आवश्यक बजट स्वीकृत कर विकास कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए जाएं।फिलहाल यह शिकायत राज्य शासन के अधीन सचिव स्तर पर अग्रेषित कर दी गई है, जहां अंडर सेक्रेटरी श्री के. के. गौतम को मामले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब देखना यह होगा कि शासन स्तर पर इस जन-अपेक्षा पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।


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