रामनारायण यादव/सर्वव्यापी

करगीरोड (कोटा)श्री साईं बाबा सेवा आश्रम, कोटा में आयोजित श्री रामनवमी महोत्सव इस वर्ष भी अपार श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने साईं बाबा के दरबार में उपस्थित होकर दर्शन किए और भंडारे का प्रसाद बड़ी संख्या में सभी भक्त पहुंचकर लिया ।यह पवित्र दरबार है, जहाँ सन् 1972 से निरंतर साईं बाबा की धूनी प्रज्वलित हो रही है, जो आज भी भक्तों की आस्था और विश्वास का केंद्र बनी हुई है। वर्षों से यह धाम श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता आया है और बाबा की कृपा का जीवंत प्रतीक बना हुआ है।रामनवमी के इस शुभ अवसर पर मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। सुबह काकड़ आरती के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, इसके पश्चात बाबा का मंगल स्नान एवं विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न हुई। दोपहर में महाभोग अर्पित कर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।दोपहर पश्चात साईं सच्चरित्र पाठ एवं बाबा की महासमाधि पर चादर अर्पण किया गया। संध्या समय साईं बाबा की भव्य पालकी शोभायात्रा नगर भ्रमण के लिए निकली, जिसमें श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। पूरा वातावरण “साईं बाबा की जय” के जयकारों से गूंजता रहा।आश्रम के संस्थापक कैलाश चंद्र गुप्ता ने भावुक शब्दों में कहा कि “यह दरबार बाबा की कृपा और भक्तों की सेवा भावना से ही चल रहा है। यहां जो भी सच्चे मन से आता है, बाबा उसे कभी खाली हाथ नहीं लौटाते।”इस अवसर पर साईं बाबा के अनमोल वचनों को स्मरण करते हुए श्रद्धालुओं ने एक स्वर में कहा —“सबका मालिक एक”और“श्रद्धा और सबूरी”यही बाबा का संदेश आज भी लोगों के जीवन में विश्वास, धैर्य और सेवा का मार्ग दिखा रहा है।इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि साईं बाबा का यह दरबार केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था, सेवा और मानवता का जीवंत केंद्र है, जहाँ हर व्यक्ति को शांति और सुकून मिलता है।अंत में आश्रम समिति द्वारा सभी भक्तों, सहयोगकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया गया और भविष्य में भी इसी प्रकार भक्ति एवं सेवा के कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया गया।