विकास नंद/ सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका के सरायपाली प्रवास के दौरान आयोजित विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक अब सवालों के घेरे में आ गई है। बैठक में स्पष्ट एजेंडा और ठोस तैयारी के अभाव ने इसे केवल खानापूर्ति तक सीमित कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में शामिल कई विभागीय अधिकारी आवश्यक आंकड़ों और अद्यतन प्रगति रिपोर्ट के साथ तैयार नहीं थे। इसके चलते योजनाओं की वास्तविक स्थिति पर गहन चर्चा नहीं हो सकी और न ही कोई प्रभावी दिशा-निर्देश सामने आ पाए। विभिन्न विभागों की प्रस्तुतियां भी सतही रहीं, जिनमें जमीनी हकीकत और चुनौतियों का समुचित विश्लेषण नहीं दिखा।
हालांकि आधिकारिक तौर पर राज्यपाल रमेन डेका ने रेस्ट हाउस में आयोजित बैठक में जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
इस दौरान कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिले में संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की।बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, एसडीएम अनुपमा आनंद सहित अन्य विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि यदि बैठक पूर्व निर्धारित एजेंडा और बेहतर समन्वय के साथ आयोजित की जाती, तो शासन की योजनाओं की प्रगति पर अधिक सार्थक और परिणाममुखी समीक्षा संभव हो सकती थी।
बहरहाल इस तरह की उच्चस्तरीय बैठकों को प्रभावी बनाने के लिए पूर्व तैयारी, स्पष्ट एजेंडा और जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में वास्तविक सुधार सुनिश्चित किया जा सके।