नूर मोहम्मद , गौरेला-पेंड्रा-मरवाही(सर्वव्यापी)
छत्तीसगढ़ के मरवाही वन मंडल से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। शुक्रवार सुबह एक दंतैल (दो दांत वाला) जंगली हाथी के हमले में 55 वर्षीय वृद्ध त्रिलोचन सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बन गया है।मिली जानकारी के अनुसार, मृतक त्रिलोचन सिंह (पिता अंगद सिंह), ग्राम पंचायत पोंडी के डडिया गांव के निवासी थे। वे रोज की तरह सुबह करीब 4 बजे डडिया डोंगरी के जंगल में महुआ बीनने गए थे। इसी दौरान जंगल में पहले से मौजूद एक आक्रामक दंतैल हाथी ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमला इतना भीषण था कि त्रिलोचन सिंह को संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। मौके पर पहुंचा वन विभाग और प्रशासन घटना की सूचना मिलते ही सिवनी बीट के वनरक्षक शाहिद खान, ग्राम पंचायत पोंडी के सरपंच हेमचंद मरावी सहित वन विभाग की टीम और ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। मरवाही थाना को भी सूचित कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है। गांवों में दहशत, हाथी अभी भी आसपास मौजूद सबसे चिंताजनक बात यह है कि हमलावर हाथी अभी भी सिवनी बीट के कक्ष क्रमांक 2093 के आसपास ही डेरा जमाए हुए है। इससे पोंडी,डडिया और आसपास के गांवों के ग्रामीणों में भारी डर का माहौल है। लोग जंगल जाने से कतरा रहे हैं और प्रशासन से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। पहले भी कर चुका है लंबा सफरजानकारी के मुताबिक यह वही दंतैल हाथी है, जो 1 अप्रैल को कटघोरा वन मंडल से निकलकर मरवाही क्षेत्र में पहुंचा था। यह हाथी छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सीमा के बीच लगातार विचरण कर रहा है और सोन नदी बांध के रास्ते डडिया के जंगलों तक पहुंचा। ग्रामीणों की मांग-सुरक्षा और मुआवजाघटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल मुआवजा और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। साथ ही,हाथी को सुरक्षित तरीके से जंगल से बाहर निकालने की भी अपील की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओ की पुनरावृति न हों। मरवाही सिवनी क्षेत्र में हुआ यह हादसा एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर करता है। समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो ऐसी घटनाएं और भी बढ़ सकती हैं।