वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुबोध के अनुभव से विष्णु सरकार को मिलेगी नई पहचान।

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बिलासपुर/तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ राज्य के विष्णु देव साय की सरकार अपने ड़ेढ वर्ष के कार्यकाल में कोई खास छाप नहीं छोड़ पाए, जिससे जनता की बात दूर भाजपाई उन्हें याद कर सके , हां विधानसभा चुनाव में किए गए घोषणाओं में से एक सबसे बड़ी घोषणा में शामिल रहे कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचारियों को जेल भेजने का वादा तो इस वादे को निश्चित रुप से पूरी की गई और आज तत्कालीन कांग्रेस के भूपेश बघेल सरकार में हुए विभिन्न घोटालों में शामिल अफसरों और जाने माने नेताओं, पूर्व मंत्री,व्यापारी सलाखों में अपनी जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं लेकिन इस कार्रवाई में भी विष्णु देव सरकार पूर्ववर्ती रमन सरकार के कार्यकाल में हुए घोटाले को पूरी तरह से भूल चुके हैं , इसलिए रमन सिंह सरकार के समय में हुए घोटाले बाजों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। रमन सिंह सरकार में सबसे बड़ा घोटाले को लेकर कांग्रेस ने खूब हल्ला मचाया परंतु कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल में भी नान घोटाले के आरोपियों का बाल बांका भी नहीं कर सके लेकिन इस मामले में विष्णु देव साय की सरकार किस्मत के धनी हैं, जिन्होंने भूपेश सरकार के घोटालेबाजों पर लगातार कार्रवाई करने का कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार बनी है,तब से विष्णु देव साय सरकार तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में हुए घोटालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई तो कर रही है , इसमें दोमत की बात नहीं होगी लेकिन वर्तमान सरकार के साथ ही भूतपूर्व रमन सिंह सरकार के वक्त हुए घोटालों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं किए जाने से इसे भेदभाव की कार्रवाई बताया जा रहा है जो राजनीतिक शब्दों में अशोभनीय माना जा रहा है क्योंकि रमन के नान घोटाले की लाल डायरी को कांग्रेस ने विधानसभा सदन में खूब उछला था और रमन कार्यकाल में हुए विभिन्न घोटालों पर कार्रवाई करने की वादों के साथ कांग्रेस अपनी सरकार रिकॉर्ड मतों से बनाने में सफलता हासिल की परंतु घोटाले बाजों पर कार्रवाई न कर खुद घोटालों को लेकर बदनाम हो गए और आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कांग्रेस की घोटाले पर कार्रवाई करके अपने चुनावी घोषणा को पूरा कर रही है, जबकि कांग्रेस सरकार को भी रमन सरकार कार्यकाल में हुए घोटाले पर कार्रवाई करने का भरपूर अवसर मिला पर कार्रवाई नहीं कर सके। वहीं वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की भाजपा सरकार ने एक वर्ष पूर्ण होने पर जश्न मनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सरकार ने सिर्फ महतारी वंदन योजना के सिवाए किसी और योजना या फिर कार्य को लेकर छाप नहीं छोड़ पाई और सरकार में पूर्ण मंत्री मंडल गठन न होने के साथ ही निगम, आयोग, मंडल,बोर्ड के साथ ही संसदीय सचिव की नियुक्ति नहीं किए जाने से भाजपाई पूरी तरह से अंसतृष्ट नजर आ रही है। हाल ही के दिनों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पूर्ण हुई , वहीं संगठन चुनाव और सोसायटी अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर भी नाराजगी देखने को मिली ,कुल मिलाकर भाजपा सरकार हर क्षेत्र में पिछ्ड़े माने जा रहे हैं।एक साल के कार्यकाल में नौकरशाही पर भी कोई लगाम कसते नहीं दिखे, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त आदेश के बाद भी लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है, रिश्वतखोरी के बिना कोई काम नहीं हो रहा है, कर्मचारियों का स्थानांतरण में लेन-देन जैसे मामलों से सरकार की जमकर फजीहत हुई है। वहीं अब मुख्यमंत्री सचिवालय में रमन-भूपेश सरकार के कार्यकाल की तरह बेदाग अफसरों को प्रमुख सचिव और सचिव का प्रभार सौंपा गया है। जिसमें प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह पर सबकी निगाहें थम गई है क्योंकि सुबोध कुमार सिंह ऐसे अफसर हैं जो बहुत कम बोलते हैं लेकिन उनकी निगाहों से कोई भी नहीं बच पाते हैं और वह पूर्व में डाॅ रमन सिंह सरकार में सीएम सचिवालय में सचिव के पद पर पदस्थ रहे और मुख्यमंत्री रमन सिंह की सरकार को एक नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाए,इसी कारण इन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पूर्ण न होने के बाद भी वापस छत्तीसगढ़ भेजा गया और तुरंत मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई । जिसके बाद से राज्य से लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों, अफसरों का मानना है कि अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को एक नई पहचान दिलाने के लिए वरिष्ठ आईएएस अफसर सुबोध कुमार सिंह बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे और प्रशासनिक कसावट लाने के साथ ही मुख्यमंत्री सचिवालय के साथ ही अन्य सचिवालयों की कामकाज पर सख्ती बरतते हुए जनहित में काम को महत्व देंगे। निश्चित रूप से सुबोध कुमार सिंह अपने कार्य से आने वाले समय में विष्णु देव साय सरकार को हर क्षेत्र में एक नया इतिहास और कीर्तिमान स्थापित करने में अहम् भूमिका निभाएंगे तो वहीं अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भी अपने सीधेपन को खत्म कर सख्त होने की आवश्यकता है ताकि छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तमाम योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए मोदी गारंटी पर सफलता हासिल कर सकें।


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