तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ के षष्ठम् विधानसभा के अष्टम सत्र के समापन अवसर पर सभापति महोदय द्वारा डॉ. रमन सिंह जी के संदेश का सदन में वाचन किया गया, जिसमें उन्होंने विधायक अजय चंद्राकर जी की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने उल्लेख किया कि अजय चंद्राकर जी सदन में हर विषय को गहराई, स्पष्टता और तथ्यात्मक मजबूती के साथ प्रस्तुत करते हैं। उनका वक्तव्य केवल विचारों का आदान-प्रदान नहीं, बल्कि अनुभव, ज्ञान और दूरदर्शिता का सशक्त उदाहरण है, जिसने सदन की कार्यवाही को अधिक प्रभावी और सार्थक बनाया। *“इतिहास बनेगा!” विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने अजय चंद्राकर के विचारों को बताया अनमोल विरासत*प्रश्नकाल के दौरान भी उनकी सक्रियता और सजगता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उनके *एक प्रश्न पर आधे घंटे तक चर्चा हुई, उस दौरान वे केवल मुद्दे उठाते ही नहीं, बल्कि उन्हें ठोस तथ्यों और तर्कों के साथ मजबूती से प्रस्तुत भी करते हैं। उनके द्वारा रखे गए विचार और तथ्य न केवल वर्तमान के लिए उपयोगी हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में एक अनमोल ज्ञान धरोहर के रूप में भी देखे जाएंगे। यह स्पष्ट करता है कि उनका नेतृत्व जनसेवा, जवाबदेही और विकास के प्रति सच्चे समर्पण का प्रतीक है।