विकास नंद/ सर्वव्यापी
पालना घर महासमुंद के मरम्मत एवं संचालन कार्य में अनियमितता संबंधी प्रकाशित समाचारों पर स्पष्टिकरण देते हुए जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी टिकेंद्र जटवार ने कहा कि सभी कार्य शासन द्वारा निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत ही संपन्न किए गए हैं तथा किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता नहीं हुई है।उन्होंने जानकारी दी कि जिला खनिज संस्थान न्यास मद से पालना घर के लिए कुल 9 लाख 99 हजार 133 रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिसमें से 9 लाख 70 हजार 733 रुपए नियमानुसार व्यय किए गए हैं। शेष 28 हजार 400 रुपए की राशि पालना घर के संचालन के लिए अंशकालीन स्टाफ को निर्धारित मानदेय के रूप में दी जा रही है।
जटवार ने बताया कि मरम्मत कार्य कोटेशन के माध्यम से कराए गए, जबकि इलेक्ट्रॉनिक सामग्री का क्रय लोक निर्माण विभाग से प्राप्त प्राक्कलन एवं ई-मानक पोर्टल के आधार पर किया गया। अन्य आवश्यक सामग्रियों की खरीदी बाजार दर के अनुरूप की गई तथा प्री-स्कूल किड्स सामग्री भी विधिवत कोटेशन प्रक्रिया के तहत खरीदी गई है।उन्होंने यह भी बताया कि इलेक्ट्रॉनिक कार्य लोक निर्माण विभाग के अनुभागीय अधिकारी के माध्यम से कराए गए हैं और सभी भुगतान संबंधित देयकों के आधार पर आरटीजीएस के जरिए पारदर्शिता के साथ किए गए हैं।
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी कार्य वित्तीय स्वीकृति एवं भंडार क्रय नियमों का पूर्ण पालन करते हुए किए गए हैं। इस प्रक्रिया में शासन को किसी भी प्रकार की वित्तीय हानि नहीं हुई है और न ही कोई अनियमितता पाई गई है।