विकास नंद/ सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ में जैसे-जैसे आगामी विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों की सक्रियता भी गांव-गांव में बढ़ती नजर आ रही है। वर्तमान में सत्ता में काबिज भाजपा की साय सरकार और प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस, दोनों ही “गांव चलो” अभियान के तहत ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित करने में जुटे हुए हैं।भाजपा जहां अपने दो वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाने, जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने और ग्रामीणों की समस्याओं को समझने का प्रयास कर रही है, वहीं कांग्रेस इस दौरान सरकार की नीतियों और कार्यों की कमियों को उजागर करते हुए जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में लगी हुई है।दोनों ही दलों का मुख्य उद्देश्य गांवों में पहुंचकर लोगों की नब्ज टटोलना और आगामी चुनाव के लिए समर्थन जुटाना है।
भाजपा जहां अपने विकास कार्यों के भरोसे जनता का विश्वास बनाए रखने की कोशिश में है, वहीं कांग्रेस सरकार की नाकामियों को मुद्दा बनाकर सत्ता में वापसी का रोडमैप तैयार कर रही है।बहरहाल, गांवों में बढ़ती इस राजनीतिक सक्रियता के बीच अब सभी की निगाहें आने वाले विधानसभा चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि जनता के दिल में किस पार्टी ने अपनी जगह मजबूत बनाई है।