तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के संसदीय लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिलासपुर जिले की मस्तूरी विधानसभा सीट पर आगामी चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी से टिकट पाने के लिए जहां कई दिग्गज नेता अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं, वहीं इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी का नाम तेजी से उभरकर सामने आ रहा है।लगातार जिला पंचायत सदस्य के रूप में जनता का विश्वास जीतने के बाद वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे राजेश सूर्यवंशी को क्षेत्र में एक सहज, सरल और मिलनसार जनप्रतिनिधि के रूप में पहचान मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी सक्रियता, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की शैली और हर वर्ग के लोगों से सीधा संवाद उन्हें अन्य दावेदारों से अलग बनाता है।मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र में संगठनात्मक पकड़ और जमीनी स्तर पर मजबूत जनसंपर्क के चलते सूर्यवंशी को भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भी व्यापक समर्थन मिलता दिख रहा है। स्थानीय स्तर पर पार्टी के कई कार्यकर्ता और समर्थक उन्हें “विनम्र और काम करने वाले नेता” के रूप में देख रहे हैं, जो चुनावी मुकाबले में पार्टी को मजबूती दे सकते हैं।राजनीतिक जानकारों की मानें तो इस बार भाजपा संगठन ऐसे उम्मीदवार की तलाश में है, जिसकी छवि साफ-सुथरी होने के साथ ही वह क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहा हो। इस कसौटी पर राजेश सूर्यवंशी काफी हद तक खरे उतरते नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक का उनका अनुभव उन्हें क्षेत्र की जमीनी समस्याओं की गहरी समझ देता है।हालांकि टिकट की दौड़ में अन्य दावेदार भी पूरी ताकत झोंक रहे हैं और अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व के हाथ में होगा, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में राजेश सूर्यवंशी का नाम एक प्रबल और गंभीर दावेदार के रूप में चर्चा में बना हुआ है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा मस्तूरी विधानसभा सीट से किस चेहरे पर दांव लगाती है, लेकिन फिलहाल सूर्यवंशी की दावेदारी ने सियासी समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है।