तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
बिलासपुर शहर में संत कंवरराम सेवा समिति द्वारा अमर शहीद संत कंवरराम साहब का 141वां अवतरण दिवस वेयरहाउस रोड स्थित संत कंवरराम गेट परिसर में श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने संत कंवरराम साहब के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर विधिवत आरती की और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में संत कंवरराम साहब के जीवन और उनके आध्यात्मिक योगदान को स्मरण करते हुए वक्ताओं ने बताया कि उनका जन्म 13 अप्रैल 1885 को सिंध प्रांत के सखर जिले के माथेला गांव में हुआ था। प्रारंभिक जीवन में वे एक छोटी सी दुकान संचालित करते थे, लेकिन बाद में संत साईं सतराम दास साहब के सानिध्य में आकर उन्होंने सांसारिक जीवन त्यागकर प्रभु भक्ति और मानव सेवा को अपना जीवन उद्देश्य बना लिया। वे जीवनभर गरीबों, दीन-दुखियों और जरूरतमंदों की सेवा में समर्पित रहे।उनके जीवन से जुड़े चमत्कारिक प्रसंगों का भी स्मरण किया गया। बताया गया कि एक बार एक महिला अपने मृत बालक को उनकी गोद में लेकर आई और लोरी सुनाने का आग्रह किया। संत कंवरराम साहब ने गुरु का स्मरण करते हुए प्रभु से प्रार्थना की, जिसके बाद बालक पुनः जीवित हो गया। इस घटना ने उनकी दिव्य शक्ति और अटूट आस्था को प्रमाणित किया।कार्यक्रम में उनके भजनों का गायन कर श्रद्धालुओं ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सभी उपस्थित लोगों ने संत की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करने की प्रतिज्ञा ली और पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।संत कंवरराम साहब के बलिदान को याद करते हुए बताया गया कि 1 नवंबर 1939 को सिंध प्रांत में सांप्रदायिक तनाव के बीच रुक स्टेशन पर यात्रा के दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोली चला दी, जिससे उनका निधन हो गया। उनके बलिदान की खबर फैलते ही पूरे सिंध में शोक की लहर दौड़ गई थी और लोगों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी।इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष हुंदराज मोटवानी सहित खुशाल वाधवानी, विनोद मेंघानी, राजकुमार कलवानी, रूपचंद डोडवानी, कैलाश मलघानी, किशोर गेमनानी, मनीष लाहोरानी, श्याम हरियानी, पी.एन. बजाज, डी.डी. आहूजा, मोहन मदवानी, विजय दुसेजा, नानकराम खटूजा, प्रताप आइलानी, महेश दुहलानी, सुनील आहूजा समेत सिंधी समाज के अनेक गणमान्य नागरिक और 17 वार्ड पंचायतों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में प्रसाद एवं शर्बत का वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में शहरवासियों ने भाग लेकर संत कंवरराम साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की।