तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
भाटापारा के स्थानीय शक्तिवाड़ में स्वर्गीय दीपक राठौर की स्मृति में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा वाचक पंडित संजय तिवारी (ठेंगा भाठा) ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि रामायण भक्ति का मार्ग दिखाती है, जबकि श्रीमद्भागवत ज्ञान का मार्ग प्रशस्त करती है और यही मार्ग मनुष्य को मोक्ष की ओर ले जाता है।उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ही संपूर्ण ब्रह्मांड के नायक हैं और उनकी इच्छा के अनुसार ही सृष्टि संचालित होती है। मनुष्य का अस्तित्व उनके अधीन है। पंडित तिवारी ने कहा कि पूर्व युगों में संत-महात्मा वर्षों तक तप और साधना कर भगवान को प्रसन्न करते थे, लेकिन कलयुग में केवल नाम-स्मरण से ही भगवान की प्राप्ति संभव है। इसी कारण कहा गया है— “कलयुग केवल नाम अधारा।”उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि सुख-दुख हर परिस्थिति में भगवान का स्मरण करते रहना चाहिए। कथा के दौरान उन्होंने माता कुंती का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने उनसे वरदान मांगने को कहा, तो माता कुंती ने दुख ही देने का वर मांगा, ताकि वे कभी भगवान को न भूलें।भीषण गर्मी के बावजूद कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पंडाल में भक्तिभाव और आस्था का वातावरण बना रहा, जहां श्रद्धालु पूरे मनोयोग से कथा श्रवण करते नजर आए।