विकास नंद/सर्वव्यापी/

आखिरकार वह ऐतिहासिक क्षण आ ही गया, जिसका केना ग्रामवासियों को वर्षों से इंतजार था। नवनिर्मित राधाकृष्ण मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई। अद्भुत वास्तुकला और मकराना पत्थर से निर्मित दिव्य राधाकृष्ण प्रतिमाओं की स्थापना ने पूरे क्षेत्र को भक्ति और आस्था से सराबोर कर दिया।इस महाआयोजन में कुलपुरोहित खिरोद्र कर, विद्याधर दास, यज्ञाचार्य पं. त्रिलोचन कर सहित उनके सहयोगियों ने विधि-विधान से पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश, अधिवास एवं शिखर कलश स्थापना जैसे सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। महाअष्टम संकीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रतिमाओं में चैतन्य शक्ति का संचार किया गया। जैसे ही प्रतिमाओं की आँखों से पट्टी हटाई गई, पूरा मंदिर परिसर “राधे-कृष्ण” के जयघोष से गूँज उठा।
पाँच दिनों तक चले इस आयोजन में दूर-दराज़ से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। दस गाँवों के लोगों ने मिलकर प्रतिदिन दोपहर और रात्रि में विशाल भंडारे का आयोजन किया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया।
पूरे गाँव को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से दुल्हन की तरह सजाया गया था। भगवान कृष्ण-बलराम की जीवंत झाँकियाँ, कंस दरबार की प्रस्तुति और रथ यात्रा ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। गाँव की गलियों में निकाली गई शोभायात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने धूप-दीप और पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
हरिहरात्मक यज्ञ में सुंदर लाल पटेल, टिकेश्वर साहू, नरोत्तम भोई, रामरतन पटेल, विजय चौधरी सहित अन्य यजमानों ने आहुति देकर जनकल्याण की कामना की। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।मंदिर समिति के अनुसार, पाँच वर्षों की मेहनत और इंतजार के बाद यह ऐतिहासिक अवसर आया है। यह मंदिर केवल पूजा स्थल ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और प्रेम का केंद्र बनेगा। मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले कारीगरों, काष्ठकारों और चित्रकारों का विशेष सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में जन्मजय नायक एवं राकेश चौधरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसकी सभी ने सराहना की। आभार रतनलाल पटेल ने व्यक्त किया।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में मंदिर समिति, ग्रामवासी, सहयोगी गाँवों तथा पुलिस प्रशासन का उल्लेखनीय योगदान रहा। पूरे क्षेत्र में इस आयोजन को लेकर अपार उत्साह और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला।