विकास नंद/ सर्वव्यापी
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने मेसर्स करणी कृपा पॉवर प्राइवेट लिमिटेड का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान परिवहन, श्रम और पर्यावरण विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में प्लांट की विभिन्न व्यवस्थाओं की गहन जांच की गई।निरीक्षण में परिवहन विभाग को कोई बड़ी अनियमितता नहीं मिली, हालांकि प्रबंधन को वाहनों को नेशनल हाईवे पर सही दिशा में चलाने के सख्त निर्देश दिए गए। वहीं पर्यावरण विभाग की जांच में प्लांट परिसर में ईएसपी डस्ट का अत्यधिक भंडारण पाया गया, जिसके सुरक्षित निस्तारण के लिए प्रबंधन को आवश्यक निर्देश जारी किए गए।श्रम विभाग की जांच में कई खामियां सामने आईं। कर्मचारियों से संबंधित जरूरी रिकॉर्ड मौके पर प्रस्तुत नहीं किए गए। ठेकेदारों द्वारा ओवरटाइम कराया जाना पाया गया, लेकिन उससे जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। साथ ही अंतर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम के तहत आवश्यक जानकारी भी प्रस्तुत नहीं की गई।जांच में यह भी सामने आया कि प्लांट और ठेकेदारों के माध्यम से बड़ी संख्या में स्थानीय और अन्य राज्यों के श्रमिक कार्यरत हैं। नियमों के पालन में लापरवाही को देखते हुए प्रबंधन और संबंधित ठेकेदारों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।हालांकि आंतरिक परिवाद समिति का गठन किया जाना सकारात्मक पहल के रूप में पाया गया।