तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
बिलासपुर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन वितरण को तेज करने के लिए प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अगले 14 दिनों में करीब 2.75 लाख हितग्राहियों तक तीन महीने का चावल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, दिन में लगातार हो रही बिजली की आंख-मिचौली ने व्यवस्था को प्रभावित किया है, जिसके चलते वितरण समय में बदलाव करना पड़ा है।बिजली आपूर्ति में अनियमितता को देखते हुए अब राशन वितरण सुबह 6 बजे से 10 बजे तक और शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक किया जा रहा है। दिन के समय बिजली कटौती के कारण मशीनों और व्यवस्था में बाधा आने से यह निर्णय लिया गया है, ताकि हितग्राहियों को परेशानी न हो और वितरण कार्य सुचारू रूप से जारी रह सके।प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक 17,587 परिवारों को राशन वितरित किया जा चुका है और बड़े पैमाने पर चावल का आवंटन कर तेजी से वितरण किया जा रहा है। रोजाना सैकड़ों क्विंटल चावल हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे निर्धारित समयसीमा में लक्ष्य हासिल करने की उम्मीद मजबूत बनी हुई है।उचित मूल्य की दुकानों का संचालन अब तय शिफ्ट में किया जा रहा है, जिससे कामकाजी लोग भी आसानी से अपने समय के अनुसार राशन प्राप्त कर सकें। सुबह और शाम के समय को प्राथमिकता देने से भीड़ नियंत्रण और बेहतर प्रबंधन में मदद मिल रही है।पूरे अभियान की निगरानी जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं। फील्ड स्तर पर लगातार निरीक्षण और समीक्षा बैठकों के जरिए वितरण प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पात्र हितग्राहियों को समय पर और पूरी मात्रा में राशन मिलना सुनिश्चित किया जाएगा।राज्य स्तर पर तुलना में बिलासपुर फिलहाल 16वें स्थान पर है, जबकि रायपुर इससे पीछे है। प्रशासन का प्रयास है कि वितरण की रफ्तार को और तेज कर जिले की रैंकिंग में सुधार किया जाए।तीन महीने का राशन एक साथ मिलने से लोगों को बार-बार दुकान जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होगी। साथ ही, जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।कुल मिलाकर, बिजली संकट के बावजूद प्रशासन ने वितरण व्यवस्था में बदलाव कर अभियान को पटरी पर बनाए रखा है। यदि यही रफ्तार बनी रही, तो तय समय में लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।