तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में शीर्ष पद को लेकर हलचल तेज हो गई है। वर्तमान प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) व्ही श्रीनिवास राव मई महीने में सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। उनके रिटायरमेंट को लेकर जहां विभाग में नए चेहरे की तलाश शुरू हो गई है, वहीं सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा जोर पकड़ रही है कि व्ही श्रीनिवास राव को छह माह का अतिरिक्त प्रभार दिया जा सकता है।विभागीय सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठता के आधार पर कई अफसर इस पद की दौड़ में हैं, लेकिन फिलहाल किसी एक नाम पर अंतिम मुहर नहीं लग पाई है। ऐसे में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के लिए मौजूदा पीसीसीएफ को ही कुछ समय के लिए विस्तार देने का विकल्प गंभीरता से विचाराधीन बताया जा रहा है।इसी बीच विभागीय गलियारों में एक और चर्चा ने माहौल को गर्म कर दिया है। विभागीय सूत्रों का दावा है कि इस अहम पद को लेकर कथित रूप से सौदेबाजी भी हुई है, लेकिन रकम को लेकर सहमति नहीं बन पाने के कारण मामला अटक गया है। यही वजह बताई जा रही है कि अंतिम निर्णय लेने में देरी हो रही है और विस्तार का विकल्प सामने आ रहा है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।जानकारों का कहना है कि वन विभाग में चल रही महत्वपूर्ण योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों को देखते हुए अचानक नेतृत्व परिवर्तन से बचने के लिए यह फैसला लिया जा सकता है। वहीं, कुछ अधिकारी इसे अनुभव का लाभ मान रहे हैं, तो कुछ नए नेतृत्व की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।फिलहाल, पूरे मामले पर राज्य शासन की चुप्पी बरकरार है और सभी की नजरें अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि विभाग को नया मुखिया मिलेगा या फिर मौजूदा पीसीसीएफ को ही अतिरिक्त समय के लिए जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।