विकास नंद/ सर्वव्यापी
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मंगलवार सुबह कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक लेकर जिले में संचालित शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू सहित सभी विभागीय अधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अधिकारी-कर्मचारी अनिवार्य रूप से स्वगणना फार्म भरें और आम नागरिकों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 के अंतर्गत स्वगणना प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए ग्राम स्तर तक व्यापक जागरूकता जरूरी है। इसके लिए पंचायत, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित सभी विभागों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने एक माह से अधिक समय से लंबित प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए 30 अप्रैल तक मिशन मोड में उनका प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि बिना अनुमति जिला मुख्यालय से बाहर रहने पर कार्रवाई की जाएगी।बैठक में आधार आधारित उपस्थिति और ई-फाइल प्रणाली को शत-प्रतिशत लागू करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही व्यापम, सीजीपीएससी सहित अन्य परीक्षाओं में लगाए गए अधिकारियों को ड्यूटी स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने को कहा गया।सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा के दौरान तीन माह के चावल भंडारण कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि अब तक 72 प्रतिशत भंडारण पूरा हो चुका है। कलेक्टर ने जिले की सभी 593 राशन दुकानों में “चावल उत्सव” आयोजित कर समय पर वितरण सुनिश्चित करने को कहा।सुशासन तिहार की तैयारियों को लेकर कलेक्टर ने सभी एसडीएम को क्लस्टर स्तर पर कार्ययोजना बनाने और योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के अंतर्गत स्वीकृत लेकिन अप्रारंभ कार्यों को जल्द शुरू कराने पर भी जोर दिया गया।जल संरक्षण को लेकर “मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0” के तहत विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सोखता गड्ढे, डबरी, तालाब और रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं के निर्माण को बढ़ावा देने तथा जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया।जिला पंचायत सीईओ ने जानकारी दी कि 30 अप्रैल तक ग्रामीण क्षेत्र में 14 हजार और शहरी क्षेत्र में 10 हजार आवासों में सोखता गड्ढा निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही स्कूलों, आंगनबाड़ी और शासकीय भवनों में वर्षा जल संचयन संरचनाएं विकसित की जाएंगी।बैठक में मुख्यमंत्री घोषणाओं, जनशिकायत, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल और लोक सेवा गारंटी अधिनियम से संबंधित मामलों की भी समीक्षा करते हुए समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।