नूर मोहम्मद गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (सर्वव्यापी)
जिले में राजस्व प्रकरणों के त्वरित और समयबद्ध निराकरण को लेकर कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अरपा सभा कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने नक्शा बटांकन सहित विभिन्न राजस्व कार्यों में तेजी लाने पर जोर देते हुए अगले 15 दिनों के भीतर सभी लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।कलेक्टर ने निर्देशित किया कि अविवादित नामांतरण और बटवारे के एक भी प्रकरण समय सीमा से बाहर न जाएं। साथ ही सीमांकन से जुड़े सभी मामलों को एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने तहसीलवार प्रकरणों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के लिए कहा।बैठक में आरबीसी 6-4 के प्रकरणों पर विशेष ध्यान देते हुए कलेक्टर ने तहसीलदारों को निर्देशित किया कि पटवारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन की सूक्ष्म जांच कर तत्काल निराकरण करें और कोई भी प्रकरण लंबित न रहे।कलेक्टर मंडावी ने स्वामित्व योजना, वन अधिकार पत्र, भूमि आबंटन, नक्शा बटांकन और सीमांकन जैसे महत्वपूर्ण विषयों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन वन अधिकार पट्टा धारकों का निधन हो चुका है, उनके उत्तराधिकारियों का नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया जाए।आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्कूली बच्चों के प्रमाण पत्रों को प्राथमिकता देते हुए विकासखंड एवं जिला शिक्षा अधिकारी के समन्वय से सभी पात्र विद्यार्थियों को शत-प्रतिशत प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बैठक में राजस्व वसूली, व्यपवर्तन, किसान किताब में आधार प्रविष्टि, अभिलेखों की शुद्धता, डिजिटल हस्ताक्षरित खसरे, ई-कोर्ट प्रकरण और उच्च न्यायालय में लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत सभी सेवाओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने पर बल दिया।बैठक में अपर कलेक्टर सह जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, संयुक्त कलेक्टर दिलेराम डाहिरे, डिप्टी कलेक्टर अमित बेक, एसडीएम पेंड्रारोड विक्रांत अंचल, एसडीएम मरवाही देवेन्द्र सिरमौर सहित जिले के सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।कुल मिलाकर, बैठक में प्रशासनिक कसावट और जवाबदेही बढ़ाने के साथ ही आम जनता को समय पर राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।