विकास नंद/ सर्वव्यापी

शहर के पंजाबी पारा स्थित वार्ड क्रमांक 23 में आयोजित श्रीमद भागवत महापुराण कथा ज्ञान सप्ताह का शुभारंभ गुरुवार को अत्यंत भक्तिमय वातावरण में हुआ। प्रथम दिवस आचार्य नारायण दास वैष्णव के सानिध्य में भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में सराबोर कर दिया।कलश यात्रा कथा स्थल से प्रारंभ होकर रामेश्वरी मंदिर पहुंची और पुनः कथा स्थल लौटकर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कथा का शुभारंभ हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया। भजन-कीर्तन, शंखनाद और जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
दूसरे दिन शुकदेव-परिक्षित संवाद और नारद अवतार का भावपूर्ण वर्णनकथा के दूसरे दिन आचार्य नारायण दास वैष्णव ने भागवत महापुराण के द्वितीय स्कंध के प्रसंगों का सरल और भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने शुकदेव जी और राजा परीक्षित के संवाद के माध्यम से जीवन की नश्वरता तथा भक्ति की महत्ता को स्पष्ट किया। साथ ही नारद अवतार की कथा सुनाते हुए बताया कि सत्संग और प्रभु स्मरण से ही मानव जीवन सार्थक बनता है।
इस अवसर पर पुरोहित एवं परायणकर्ता पंडित हेमंत दास वैष्णव (महासमुंद) और पंडित सूरज दास वैष्णव (चिंगरौद) द्वारा भी विधिवत अनुष्ठान संपन्न कराया जा रहा है।आचार्य ने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का माध्यम है। कथा श्रवण से व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और जीवन में शांति व संतुलन आता है।
भीषण गर्मी को देखते हुए कथा का समय परिवर्तित कर प्रतिदिन शाम 4 बजे कर दिया गया है, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर कथा का श्रवण कर रहे हैं।
यह आयोजन प्रेमशीला-पोषण साहू एवं साहू परिवार द्वारा किया जा रहा है, जिसमें क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं का सराहनीय सहयोग मिल रहा है। आगामी दिनों में प्रहलाद चरित्र, वामन अवतार, श्रीराम-कृष्ण प्राकट्य उत्सव सहित विभिन्न पौराणिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। कथा का क्रम 28 अप्रैल तक निरंतर जारी रहेगा।