ज्ञान की विरासत सहेजने में महासमुंद अव्वल: “ज्ञानभारतम” अभियान की समीक्षा बैठक संपन्न।

Share Now

विकास नंद/ सर्वव्यापी/

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित “ज्ञानभारतम” पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 22 अप्रैल को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में बताया गया कि राज्य में सर्वाधिक पांडुलिपि सर्वेक्षण महासमुंद जिले में किया गया है।

इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव ने कलेक्टर विनय कुमार लंगेह से विस्तृत जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि निजी रूप से संरक्षित पांडुलिपियों के सर्वेक्षण को और गति दी जाए।

कलेक्टर लंगेह ने जानकारी दी कि जिले के छह प्रमुख स्थलों का सर्वेक्षण पूर्ण किया जा चुका है। साथ ही पूर्व में सर्वेक्षित 832 पांडुलिपियों को “ज्ञानभारतम” ऐप पर अपलोड किया जा रहा है, जो जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।उन्होंने बताया कि अभियान के सुचारू संचालन हेतु जिला एवं अनुभाग स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। सुपरवाइजर्स और सर्वेक्षकों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण का पहला चरण भी सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है, जिससे कार्य में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। जिले में 50 सर्वेक्षकों को नियुक्त कर प्रशिक्षित किया गया है।

कलेक्टर ने यह भी बताया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों और वालंटियर्स को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा, ताकि अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिल सके।

बैठक में अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू, नोडल अधिकारी एवं जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा, डॉ. करुणा दुबे (प्राचार्य, महाविद्यालय महासमुंद), प्रमोद कन्नौजे (एडीपीओ) और सुबोध कुमार तिवारी (एपीसी) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

नागरिकों से अपील:कलेक्टर ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी के घर, संस्था या पुस्तकालय में पांडुलिपियां उपलब्ध हैं, तो उनकी जानकारी “ज्ञानभारतम” ऐप के माध्यम से अवश्य साझा करें, ताकि इस अमूल्य धरोहर का संरक्षण किया जा सके।


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!