छह महीने में सिस्टम पटरी पर, अब सर्विस बुक शिविर से नई रफ्तार—बीईओ भूपेंद्र कौशिक का दावा।

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तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में खंड शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र कौशिक ने महज छह महीने के अपने अल्प कार्यकाल में उल्लेखनीय पहल का दावा किया है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से लंबित वेतन भुगतान, सेवा संबंधी अड़चनों और शिक्षकों-कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान पर प्राथमिकता के साथ काम किया गया है, जिससे व्यवस्था में स्पष्ट सुधार देखने को मिल रहा है।भूपेंद्र कौशिक के अनुसार, विभाग में वर्षों से लंबित मामलों को चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से निराकरण किया गया। वेतन विसंगतियों से जूझ रहे शिक्षकों को राहत देने के साथ ही प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में भी प्रयास किए गए हैं। उनका कहना है कि “शिक्षक संतुष्ट होंगे, तभी शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी,” इसी सोच के साथ टीम लगातार काम कर रही है।इसी कड़ी में आगामी मई माह में शिक्षकों के सर्विस बुक संधारण को लेकर विशेष शिविर आयोजित करने की तैयारी है। इस शिविर में शिक्षकों की सेवा पुस्तिका से जुड़ी त्रुटियों, अपूर्ण प्रविष्टियों और अन्य तकनीकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। इससे न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में पदोन्नति, वेतन निर्धारण और सेवानिवृत्ति से जुड़े मामलों में भी सहूलियत मिलेगी।बीईओ कौशिक ने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। स्कूलों में नियमित मॉनिटरिंग, शिक्षण पद्धति में सुधार और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने के लिए विशेष रणनीति पर काम किया जा रहा है।कुल मिलाकर, बिल्हा विकासखंड में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में उठाए गए ये कदम आने वाले समय में व्यापक बदलाव का संकेत दे रहे हैं। अब नजर मई में प्रस्तावित विशेष शिविर और शिक्षा गुणवत्ता सुधार के ठोस परिणामों पर रहेगी।


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