तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के संसदीय क्षेत्र बिलासपुर में सुशासन तिहार अब केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रशासन की कार्यशैली का सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है। जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल के नेतृत्व में यह पहल जमीनी स्तर पर असर दिखा रही है, जहां हर शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसके त्वरित और संतोषजनक निराकरण पर विशेष फोकस किया जा रहा है।कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित प्रत्येक शिविर में आने वाली समस्याओं का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए न केवल अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है, बल्कि हर आवेदन की मॉनिटरिंग स्वयं कलेक्टर स्तर पर की जा रही है। यही कारण है कि शिविरों में पहुंच रही जनता को तत्काल राहत मिल रही है और प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हो रहा है।सुशासन तिहार के शिविरों में राजस्व, पंचायत, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी जैसी मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता के साथ लिया जा रहा है। कलेक्टर अग्रवाल ने अधिकारियों को साफ तौर पर चेताया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या लंबित प्रकरण बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। समस्याओं के निराकरण में देरी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा रही है।कलेक्टर संजय अग्रवाल का मानना है कि सुशासन का वास्तविक अर्थ केवल योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि आमजन को समय पर न्याय और सुविधा उपलब्ध कराना है। इसी सोच के साथ वे लगातार शिविरों का निरीक्षण कर रहे हैं, अधिकारियों से फीडबैक ले रहे हैं और मौके पर ही समस्याओं का समाधान भी करा रहे हैं।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पहली बार ऐसा महसूस हो रहा है कि प्रशासन सीधे उनकी समस्याओं को सुन रहा है और तत्काल कार्रवाई भी कर रहा है। इससे न केवल लोगों की परेशानी कम हो रही है, बल्कि शासन-प्रशासन के प्रति भरोसा भी बढ़ रहा है।कुल मिलाकर, कलेक्टर संजय अग्रवाल के नेतृत्व में बिलासपुर में सुशासन तिहार एक प्रभावी और परिणामोन्मुख अभियान के रूप में स्थापित होता नजर आ रहा है, जो अन्य जिलों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है।