तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
बिलासपुर जिले के जनपद पंचायत तखतपुर क्षेत्र में एक गंभीर विवाद सामने आया है, जहां अनुसूचित जनजाति (ST) और अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के कर्मचारियों ने जिला CEO पर जातिगत अपमान का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर सोमवार को सैकड़ों लोगों ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और दोषी अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।मिली जानकारी के अनुसार, 24 अप्रैल 2026 को वन चेतना भवन सकरी में जिला कलेक्टर, जिला CEO एवं जनपद पंचायत तखतपुर CEO के नेतृत्व में सचिवों, रोजगार सहायकों और अन्य कर्मचारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई थी। आरोप है कि बैठक के दौरान जिला कलेक्टर के जाने के बाद जिला CEO ने ST/SC वर्ग के कर्मचारियों से उनका नाम और सरनेम पूछते हुए कथित रूप से जातिगत टिप्पणी की, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।कर्मचारियों का आरोप है कि तखतपुर सचिव संघ के अध्यक्ष तुलसी नेताम के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। उनका नाम और सरनेम पूछने के बाद, गनमैन के जरिए उन्हें भरी सभा से बाहर कर दिया गया और निलंबन की धमकी भी दी गई। इतना ही नहीं, उनके कार्यस्थल ग्राम में जांच के आदेश भी दिए गए, जिसे कर्मचारियों ने “पूर्वाग्रह से प्रेरित कार्रवाई” बताया है।घटना की जानकारी मिलते ही SC/ST संयुक्त मोर्चा तखतपुर सक्रिय हुआ और 27 अप्रैल को बड़ी संख्या में लोग जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने जिला CEO के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कानूनी कार्रवाई, सेवा से बर्खास्तगी तथा पीड़ित कर्मचारी को न्याय दिलाने की मांग की।प्रदर्शन के दौरान “जय सेवा जोहार, जय सतनाम, जय भीम” के नारों के साथ आक्रोश साफ देखने को मिला। साथ ही संदीप अग्रवाल के खिलाफ भी कलेक्टर कार्यालय परिसर में मुर्दाबाद के नारे लगाए गए।प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।