विकास नंद/सर्वव्यापी

महासमुंद जिले के सरायपाली तहसील क्षेत्र में इन दिनों अवैध महुआ खरीदी और परिवहन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। लगातार क्षेत्र में महुआ लाहन और अवैध कच्ची महुआ शराब पर पुलिस की कार्रवाई सामने आने के बाद अब स्थानीय प्रशासन और मंडी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
क्षेत्रीय साप्ताहिक समाचार पत्र व न्यूज पोर्टल सर्वव्यापी द्वारा लगातार प्रमुखता से अवैध महुआ खरीदी और उड़ीसा से हो रहे महुआ परिवहन को लेकर समाचार प्रकाशित किए जाते रहे, लेकिन स्थानीय प्रशासन की ओर से लंबे समय तक इस दिशा में गंभीर पहल दिखाई नहीं दी।
अब जबकि महासमुंद पुलिस द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में अवैध महुआ शराब और लाहन के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, तब लोगों के मन में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में महुआ आ कहां से रहा है और जा कहां रहा है।
जानकारी के अनुसार सरायपाली क्षेत्र में हर रोज उड़ीसा सीमा से महुआ का परिवहन होने की चर्चाएं आम हैं। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि खुलेआम महुआ की खरीदी-बिक्री हो रही है, लेकिन संबंधित विभाग इससे अनजान बना हुआ है।
इस मामले में जब मंडी प्रशासन से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सरायपाली क्षेत्र में इस वर्ष किसी प्रकार की महुआ खरीदी नहीं हुई है तथा 9 अप्रैल तक महुआ से संबंधित कोई सौदा पत्रक भी जारी नहीं किया गया।
मंडी प्रशासन के इस बयान के बाद अब बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि यदि आधिकारिक रूप से खरीदी नहीं हुई तो क्षेत्र का महुआ आखिर जा कहां रहा है?
क्या अवैध कारोबार बिना किसी निगरानी के संचालित हो रहा है? यदि उड़ीसा से लगातार परिवहन हो रहा है तो संबंधित विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं है?
लोगों का कहना है कि पुलिस द्वारा कार्रवाई होना यह साबित करता है कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियां संचालित हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होना कई संदेहों को जन्म दे रहा है।
अब आवश्यकता इस बात की है कि मंडी, आबकारी, राजस्व और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखें, ताकि अवैध महुआ कारोबार पर प्रभावी रोक लग सके।