विकास नंद/ सर्वव्यापी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय महासमुंद में आज विभागीय वार्षिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने की। इस दौरान जिले में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गुप्ता, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वी.पी. सिंह, डॉ. छत्रपाल चंद्राकर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलू धृतलहरे सहित सभी विकासखंडों के खंड चिकित्सा अधिकारी, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, विकासखंड लेखा प्रबंधक, जिला सलाहकार एवं विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।समीक्षा बैठक में स्वास्थांक (50 पॉइंट इंडिकेटर), मातृ स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, नियमित टीकाकरण, विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई, पोषण पुनर्वास केंद्र, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, एनीमिया मुक्त भारत, सिकल सेल, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम, गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, टेली परामर्श, डायलिसिस सेवाएं, वित्तीय प्रगति एवं आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना सहित अन्य योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।बैठक के दौरान अधिकारियों को आरसीएच पोर्टल में 100 प्रतिशत एंट्री सुनिश्चित करने तथा यू-विन पोर्टल में सभी टीकाकरण सत्रों को नियमित रूप से ऑनगोइंग कर अपडेट करने के निर्देश दिए गए। टीकाकरण कार्यक्रमों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने को कहा गया।इसके अलावा विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों से संबंधित लंबित भुगतानों का निराकरण अधिकतम 7 दिवस के भीतर करने के निर्देश दिए गए। पोषण पुनर्वास केंद्र में गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें भर्ती कराने एवं समुचित उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। मैदानी स्वास्थ्य अमले को कुपोषण प्रभावित बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राव ने कहा कि जिले में संचालित सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित मॉनिटरिंग, समयबद्ध रिपोर्टिंग तथा आमजन तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने के लिए गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।