तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण की दिशा में लगातार सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। प्रशासनिक व्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी अब केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाले महत्वपूर्ण पदों तक पहुंच चुकी है। राज्य के करीब आठ से दस जिलों में महिला कलेक्टरों की पदस्थापना और मंत्रालय के विभिन्न विभागों में महिला अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दिए जाने को एक नई प्रशासनिक सोच के रूप में देखा जा रहा है।छत्तीसगढ़ मंत्रालय में पदस्थ वरिष्ठ महिला निज सचिव ज्योति बंजारे ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को केवल अवसर ही नहीं, बल्कि नेतृत्व का मजबूत मंच भी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं प्रशासन, नीति निर्माण और जनहित से जुड़े निर्णयों में प्रभावी भूमिका निभा रही हैं, जो समाज के लिए प्रेरणादायक है।ज्योति बंजारे ने कहा कि पहले महिलाओं की भूमिका सीमित मानी जाती थी, लेकिन आज महिला अधिकारी अपने कार्यकुशलता, संवेदनशीलता और बेहतर प्रशासनिक क्षमता के कारण नई पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला कलेक्टरों और वरिष्ठ महिला अधिकारियों की नियुक्ति से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जनसरोकारों को अधिक मजबूती मिली है।उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए शासन स्तर पर लगातार सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा और प्रशासनिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से आने वाली पीढ़ियों को भी नई दिशा मिलेगी।ज्योति बंजारे के अनुसार, “महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि समाज और शासन की सोच में बदलाव का प्रतीक है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं और छत्तीसगढ़ इस बदलाव का मजबूत उदाहरण बनकर उभर रहा है।”