तरुण कौशिक संपादक, सर्वव्यापी
बिलासपुर संभाग अंर्तगत जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड में प्रशासनिक सक्रियता और विकास योजनाओं की निगरानी को लेकर एक नई पहल देखने को मिल रही है। जनपद पंचायत नवागढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बी.आर. वर्मा ने स्पष्ट किया है कि उनका लक्ष्य नवागढ़ विकासखंड को एक “आदर्श जनपद पंचायत” के रूप में विकसित करना है, जहां केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और पंचायत स्तर पर विकास की वास्तविक तस्वीर दिखाई दे।मुख्य कार्यपालन अधिकारी बी.आर. वर्मा के अनुसार जनपद पंचायत नवागढ़ के अंतर्गत आने वाली सभी 95 ग्राम पंचायतों का निरीक्षण पूरा कर लिया गया है। निरीक्षण के दौरान पंचायतों की मूलभूत समस्याओं, अधूरे विकास कार्यों, पेयजल, सड़क, स्वच्छता, आवास, रोजगार, आंगनबाड़ी, शिक्षा और पंचायत भवनों की स्थिति का गहन अवलोकन किया गया। साथ ही ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और पंचायत पदाधिकारियों से सीधा संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास किया गया।उन्होंने कहा कि विकास केवल कागजों में नहीं बल्कि ज़मीन पर दिखना चाहिए। पंचायतों में जो भी समस्याएं सामने आई हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया जा रहा है और संबंधित विभागों के समन्वय से उनका निराकरण कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर सतत मॉनिटरिंग की जाएगी।बी.आर. वर्मा ने बताया कि कई पंचायतों में आधारभूत सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों ने मांग रखी है। कहीं सड़क और नाली निर्माण की आवश्यकता है तो कहीं पेयजल संकट प्रमुख समस्या बनकर सामने आया है। कई स्थानों पर ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने की मांग भी रखी। इन सभी मांगों को गंभीरता से लेते हुए चरणबद्ध तरीके से विकास कार्य कराने की बात कही गई है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पंचायतों को केवल प्रशासनिक इकाई नहीं बल्कि ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मानते हुए कार्य किया जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी और जनता के सुझावों के आधार पर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय की जाएगी ताकि योजनाएं वास्तविक जरूरतों के अनुरूप लागू हो सकें।नवागढ़ विकासखंड में पंचायतों के लगातार निरीक्षण और जमीनी स्तर पर संवाद की इस पहल को ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि प्रशासनिक अधिकारी इसी तरह गांवों तक पहुंचकर समस्याओं को समझेंगे तो योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति दोनों आएंगी।वर्तमान समय में जब ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं, ऐसे में नवागढ़ जनपद पंचायत द्वारा सभी पंचायतों का निरीक्षण कर विकास की नई रूपरेखा तैयार करना प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि “आदर्श जनपद पंचायत” बनाने का यह संकल्प जमीनी स्तर पर कितना सफल हो पाता है, लेकिन फिलहाल प्रशासनिक सक्रियता ने ग्रामीणों में उम्मीद जरूर जगा दी है।