तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
नगर निगम बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 5, नगर निगम कार्यालय क्रमांक 02 तिफरा के समीप स्थित गोकने नाला इन दिनों पूरी तरह जलकुंभी से ढका हुआ दिखाई दे रहा है। नाले की ताजा स्थिति को दर्शाती तस्वीरें नगर निगम की सफाई व्यवस्था और जल निकासी प्रबंधन पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर रही हैं।तस्वीर में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि गोकने नाले की सतह पर जलकुंभी का इतना अधिक फैलाव हो चुका है कि नाले का जल प्रवाह लगभग दिखाई ही नहीं दे रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलकुंभी और अन्य अवरोधों की सफाई नहीं की गई, तो आगामी बारिश के दौरान जल निकासी बाधित होने से आसपास के क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।गौरतलब है कि गोकने नाला पहले भी बारिश के समय जलभराव और बाढ़ की समस्याओं को लेकर चर्चा में रहा है। विभिन्न रिपोर्टों में नाले की चौड़ाई कम होने, अतिक्रमण और जल निकासी अवरुद्ध होने के कारण आसपास की कॉलोनियों में पानी भरने की समस्या सामने आ चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार जलकुंभी एक तेजी से फैलने वाली जलीय खरपतवार है, जो नालों और जलाशयों में पानी के प्रवाह को रोक देती है। इससे न केवल जल निकासी प्रभावित होती है, बल्कि मच्छरों और अन्य रोगजनक तत्वों के पनपने का खतरा भी बढ़ जाता है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि गोकने नाले की तत्काल सफाई कराई जाए तथा नियमित निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बरसात के मौसम में तिफरा और आसपास के क्षेत्रों को जलभराव की समस्या से बचाया जा सके।नगर निगम का दायित्व है कि शहर की नालियों और प्रमुख जल निकासी मार्गों को अवरोधमुक्त रखे, जिससे नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध हो सके।